Sunday, December 4, 2022
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Homeदेशलचित बरफुकन की 400वीं जयंती पर बोले अमित शाह

लचित बरफुकन की 400वीं जयंती पर बोले अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हमें अपने इतिहास को गौरवमयी तरीके से विश्व के सामने रखना होगा। अपने बयान में उन्होंने कहा कि अगर लचित बरफुकन नहीं होते तो आज पूरा पूर्वोत्तर भारत का हिस्सा न होता। उस वक्त उनके द्वारा लिए गए निर्णय ने न केवल पूर्वोत्तर बल्कि दक्षिण एशिया के पूरे हिस्से को धर्मांत आक्रांताओं से बचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि हम आज यहां एक ऐसे शख्स की बहादुरी को याद करने के लिए इकट्ठे हुए हैं, जिनके कार्यों और फैसलों ने पूर्वोत्तर की रक्षा की। भारत माता के इस महान सपूत के योगदान और बलिदान को इस देश की जनता के सामने लाने के लिए मैं हिमंत जी को धन्यवाद देना चाहता हूं।
शाह ने आगे कहा कि लचित बरफुकन का जिस प्रकार से जीवन रहा, वो न केवल एक सेनापति के रूप में बल्कि एक देशभक्त के रूप में सराईघाट की लड़ाई को आज भी याद किया जाता है और याद किया जाना चाहिए। उनकी स्मृति को हमेशा के लिए बहाल करने के लिए असम सरकार द्वारा कई पहल शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए अहोम राजवंश के सभी वीरों के इतिहास को सामने लाने से निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ियों को उनके महान कार्यों से अवगत कराने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लचित बरफुकन का जिस प्रकार से जीवन रहा, वो न केवल एक सेनापति के रूप में, बल्कि एक देशभक्त के रूप में रहा।

भाजपा नेता ने साफ तौर पर कहा कि बहादुर अहोम राजाओं के कारण पूर्वोत्तर की संस्कृति सदियों से अक्षुण्ण है। अकबर से लेकर औरंगजेब और कुतुब उद-दीन ऐबक से लेकर इल्तुतमिश तक, सभी ने इस क्षेत्र पर कब्जा करने की कोशिश की। हालाँकि, अहोम राजाओं ने हमारी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा की। उन्होंने कहा कि हमें अपने इतिहास को गौरवमयी तरीके से विश्व के सामने रखना होगा। जानकारों से मैं कहना चाहता हूं कि इतिहास को तोड़ा है, मरोड़ा है, गलत तरीके से लिखा है, इस विवाद से बाहर निकलिए।

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