आईआईटी निदेशक ने कोरोना टीका उत्सव का किया शुभारंभ

उत्तर प्रदेश कानपुर देश राज्य शहर
सच दिखाने की जिद...

सबसे पहले उर्मिला भार्गव को लगा टीका
जन एक्सप्रेस संवाददाता
कानपुर नगर। वैश्विक महामारी कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर शासन से लेकर प्रशासन तक इस पर नियंत्रण पाने के लिए प्रयासरत है। इसी के चलते रविवार से कोरोना टीका उत्सव अभियान चलाया जा रहा है। पहले दिन आईआईटी के निदेशक ने जिला अस्पताल में टीका उत्सव का शुभारंभ किया और सत्तर वर्षीय उर्मिला भार्गव को कोरोना की दूसरी डोज सबसे पहले लगाई गई। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शहरवासियों को कोरोना टीका के प्रति जागरुक करते देखे गये।
जनपद में कोरोना की दूसरी लहर तेजी से बढ़ रही है, इसको देखते हुए 11 अप्रैल से लेकर 14 अप्रैल तक जनपद में कोरोना टीका उत्सव मनाये जाने की तैयारी की गई। कई दिनों से प्रशासनिक अधिकारियों व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ उनकी पत्नियां भी आडियो और वीडियो के माध्यम से शहरवासियों को जागरुक कर रही थी। रविवार को टीका उत्सव अभियान का शुभारंभ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने जिला अस्पताल उर्सला में वैक्सीन बॉक्स का पूजन करके टीका उत्सव का शुभारंभ किया। यहां पर सिविल लाइन की 70 वर्षीय विमला भार्गव को दूसरी डोज की वैक्सीन सबसे पहली लगाई गई। उर्सला के आयुष रोग विभाग में पहली डोज और प्रांतीय चिकित्सा संघ के कार्यालय में सेकंड डोज लगाई जा रही है। नारायणा अस्पताल में ज्योतिषाचार्य पंडित केए दुबे पद्मेश ने बतौर मुख्य अतिथि टीकाकरण की शुरुआत कराई। मंडलायुक्त डा. राजशेखर ने शहरवासियों से टीका उत्सव में शामिल होने का आह्वान किया। इस दौरान जिलाधिकारी आलोक तिवारी, एडीएम सिटी अतुल कुमार, सीएमओ डा. अनिल मिश्रा, उर्सला अस्पताल के सीएमएस डा. अनिल निगम समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहें।
वैक्सीनेशन से रोका जा सकता है कोरोना संक्रमण
आईआईटी के निदेशक ने टीकाकरण उत्सव का शुभारंभ करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण को वैक्सीनेशन से ही रोका जा सकता है। इस उत्सव में सभी शामिल हों और टीकाकरण अभियान से जुडक़र स्वयं को सुरक्षित करें। शारीरिक दूरी के पालन के साथ ही मास्क का उपयोग जरुरी है। उन्होंने वैक्सीन लगवाने आए लोगों का उत्साह बढ़ाया। बताया गया कि टीका उत्सव के अंतर्गत जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों के 97 वैक्सीनेशन सेंटर में टीकाकरण किया जा रहा है। इसमें हैलट, उर्सला, डफरिन, केपीएम, सभी सीएचसी, अर्बन पीएचसी और कुछ ग्रामीण क्षेत्रों की पीएचसी शामिल है। सीएमओ ने बताया कि टीका उत्सव के अंतर्गत हर दिन वैक्सीनेशन का 16 हजार का लक्ष्य रखा गया है।

 

कोरोना की चपेट में आया मेडिकल कालेज, प्राचार्य सहित 31 पॉजिटिव

कानपुर नगर। वैश्विक महामारी की दूसरी लहर के चपेट में देश का अधिकांश भाग आ रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित केजीएमयू के बाद कानपुर मेडिकल कालेज में भी कोरोना की चपेट में आ गया है। यहां के प्राचार्य सहित 31 लोग कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं। लेकिन प्राचार्य और दो प्रोफसरों ने जीवटता के साथ एहतियात बरतते हुए काम करने की ठान ली। प्राचार्य का मानना है कि अगर ऐसी परिस्थिति में खुद काम नहीं करेंगे तो स्टॉफ का मनोबल गिरेगा। इससे आने वाले मरीजों व तीमारदारों में भी हीनभावना पैदा होगी, जबकि कोरोना में एहतियात बरतने के साथ इलाज से इससे बाहर हुआ जा सकता है। उत्तर प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर रविवार से ही चार दिनी कोरोना टीका उत्सव मनाया जा रहा है। इस उत्सव के जरिये अधिक से अधिक लोगों को कोरोना टीका लगवाना है, ताकि संक्रमण के फैलाव पर रोक लगाई जा सके। इसी बीच किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ के बाद कानपुर मेडिकल कालेज में भी कोरोना तेजी से पांव पसार लिया। रविवार को आई जांच रिपोर्ट में प्राचार्य प्रो. आरबी कमल, उप प्राचार्य प्रो. रिचा गिरी, मेडिकल सुप्रीटेंडेंट प्रो. प्रेम सिंह के पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही हैलट अस्पताल के आधा दर्जन जूनियर डॉक्टर, 10 एमबीबीएस और करीब 15 स्टाफ भी चपेट में आ गए हैं। उनमें से कुछ को कोविड हॉस्पिटल तो कुछ होम आइसोलेशन में रखा गया है। इन सबके बीच रिपोर्ट का पता चलने के बाद प्रो. आरबी कमल, प्रो. रिचा गिरी, प्रो. प्रेम सिंह ने जीवटता दिखाई। सभी एहतियात बरतते हुए काम कर रहे हैं। प्रो. आरबी कमल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में स्टाफ की समस्या पहले से ही है। अगर स्वयं आराम करने लगे तो अन्य स्टाफ का मनोबल टूटेगा। एहतियात के साथ काम कर रहे हैं। प्रो. प्रेम सिंह के मुताबिक वह पीपीई किट पहनकर काम कर रहे हैं। अन्य लोगों को दूर रहने के लिए कह दिया है।

 

 

 


सच दिखाने की जिद...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *