वर्तमान राष्ट्रपति की डॉक्यूमेंट्री में भाभी-देवर का दिखेगा बेटे की तरह प्यार पैतृक गांव में बाबा के नाम से जाने जाते हैं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

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जन एक्सप्रेस संवाददाता
कानपुर नगर। राष्ट्रपति बनने के बाद रामनाथ कोविंद के राजनीतिक सफर पर देशवासियों ने खूब चर्चा की, लेकिन देश के प्रथम नागरिक तक मुकाम हासिल करने के जीवन को कम ही लोग जानते हैं। इसको लेकर दूरदर्शन एक डॉक्यूमेंट्री बना रहा है, जिससे देशवासियों को पता चल सके कि बचपन से लेकर राष्ट्रपति पद पर आसीन होने तक उनका जीवन कैसे रहा। दूरदर्शन की टीम राष्ट्रपति के पैतृक गांव परौंख पहुंचकर जानकारियां शूट कर रही है, अब तक जो जानकारी शूट की गयी है उसके अनुसार डॉक्यूमेंट्री में भाभी और देवर के बीच बेटे की तरह जो प्यार रहा उसको मुख्यतया सामने लाया जाएगा।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद देश के सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश से आते हैं। एनडीए ने जब उन्हें उम्मीदवार बनाया था, तभी से उनके राजनीतिक सफर पर देश में चर्चा होने लगी और उनके पैतृक गांव कानपुर देहात जनपद के परौंख को भी मीडिया में खूब प्रसारित किया गया। अब एक साल बाद उनका कार्यकाल खत्म होने जा रहा है तो दूरदर्शन देश के सामने उनके जीवन से जुड़ी अहम जानकारियों को जनता के सामने लाना चाहता है। दूरदर्शन की टीम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के जीवन पर डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए कानपुर और कानपुर देहात में डेरा डाले हुए है। कानपुर देहात में जहां राष्ट्रपति का बचपन गुजरा तो वहीं कानपुर में शिक्षा ग्रहण कर देश के प्रथम नागरिक बनने तक का सफर तय किये। उनका राजनीतिक जीवन उतार—चढ़ाव भरा रहा, जिसके चलते वह कभी प्रत्यक्ष चुनाव नहीं सके, लेकिन संघ और भाजपा से जुड़े होने के साथ ही अपनी मेधा से लोगों के चहेते बने रहे। इन्हीं सब पहलुओं को लेकर दूरदर्शन की टीम वीडियो शूट कर रही है। टीम ने राष्ट्रपति के पैतृक गांव परौंख में उन लोगों से मुलाकात की जिनके साथ उन्होंने प्राथमिक पढ़ाई की और प्राथमिक के साथ जूनियर विद्यालय को भी शूट किया।
भाभी ने दिया बेटे की तरह प्यार
ग्रामीण जानकारियां शूट करने के बाद टीम झींझक कस्बे पहुंची जहां राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के भाइयों का परिवार रहता है। यहां पर राष्ट्रपति के बड़े भाई शिवबालक राम जो अब इस दुनिया में नहीं रहें उनकी पत्नी विद्यावती से बातचीत की। विद्यावती ने टीम को बताया कि लल्ला (राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद) महज पांच वर्ष के थे तभी परौंख स्थित पैतृक घर में आग लग गयी, जिसमें सास और लल्ला झुलस गये। इलाज के दौरान सास की मौत हो गयी और लल्ला के आंखों में बराबर आंसू रहते थे। इस पर पति ने कहा कि अब तुम्हे लल्ला को बेटे की भांति रखना है और पति की कही बात को दिल में संजोकर उनके जीवंत पर्यत्न से लेकर आज तक लल्ला को बेटे का प्यार मिल रहा है। हालांकि आज वह इस दुनिया में नहीं है पर लल्ला आज भी मां की भांति सम्मान करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पहली बार भाजपा के टिकट पर लल्ला लोकसभा चुनाव पूरी शिद्दत के साथ चुनाव लड़े, पर उन्हे जीत नसीब नहीं हुई। इस हार से वह बेहद निराश हो गए। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि अब क्या करें। ऐसे समय में पति ने उन्हें पिता की तरह ढांढस बधाया। बड़े भाई की तरफ से कही गई एक-एक बात को लल्ला ने आशीर्वाद के रुप में ग्रहण किया। ऐसे में यह माना जा रहा है कि डॉक्यूमेंट्री में दूरदर्शन की टीम देवर और भाभी के बीच बेटे का प्यार को अहमियत देने जा रही है। टीम के रमेश हितकारी ने बताया कि राष्ट्रपति से जुड़े पहलुओं की डॉक्यूमेंट्री बनाई जा रही है। इसका प्रसारण किया जाएगा।


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