कानपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में लागू है धारा 144 : आकाश कुलहरि

उत्तर प्रदेश कानपुर राज्य शहर
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न एक्सप्रेस संवाददाता
कानपुर नगर। पंचायत चुनाव के साथ किसान आंदोलन की संभावनाओं और त्योहारों को देखते हुए कमिश्नरेट क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है ऐसे में अब कमिश्नरेट क्षेत्र में किसी भी प्रकार के धरना प्रदर्शन नहीं हो सकेंगे और न ही कोई राजनीतिक दल सम्मेलन व रैली आदि कर पाएंगे।
अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था आकाश कुलहरि ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर विभिन्न राजनैतिक दलों, छात्र संगठनों, भारतीय किसान संगठनों एवं अन्य व्यक्तियों, संगठनों द्वारा कमिश्नरेट कानपुर क्षेत्र में किसान आंदोलन व धरना प्रदर्शन करने की प्रबल सम्भावना है, जिससे शांति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके साथ ही वैश्विक महामारी कोविड-19 का प्रभाव जनजीवन को व्यापक रुप से प्रभावित कर रहा है। यही नहीं 13 अप्रैल को चैट्रीचंद एवं चैत्र नवरात्रि, 14 को अम्बेडकर जंयती एवं माह रमजान, 17 को चन्द्रशेखर जयन्ती, 21 को रामनवमी व 25 अप्रैल को महावीर जयन्ती के अवसर पर भी असामाजिक तत्वों द्वारा शान्ति व्यवस्था भंग की जा सकती है। जिससे कटुता बढऩे व लोक प्रशांत विक्षुब्ध होने की प्रबल आंशका है। इसको देखते हुए धारा-144 द.प्र.सं. के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुये नई निषेधाज्ञा जारी की गई है।

प्रतिबंधों के अधीन होंगी गतिविधियां
अपर पुलिस आयुक्त ने बताया कि जोखिम क्षेत्र जोन के बाहर समस्त सामाजिक/शैक्षिक/खेल/मनोरंजन/सांस्कृतिक/धार्मिक/राजनीतिक कार्यक्रमों एवं अन्य सामूहिक गतिविधियों की अनुमति प्रतिबन्धों के अधीन होगी। किसी भी बन्द स्थान, हाल/कमरे की निर्धारित क्षमता का 50 प्रतिशत किन्तु एक समय में अधिकतम 100 व्यक्तियों तक ही तथा फेस-मॉस्क, सोशल-डिस्टेन्सिंग,थर्मल स्कैनिंग व सैनिटाइजर एवं हैण्डवास की शर्ते यथावत रहेगी। खुले स्थान/मैदान पर ऐसे स्थानों के क्षेत्रफल की 50 प्रतिशत से कम क्षमता तक किन्तु एक समय में अधिकतम 200 व्यक्तियों तक ही फेस मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्कैनिंग व सैनिटाइजर एवं हैण्डवाश की शर्ते यथावत रहेंगी। कोई भी व्यक्ति पुलिस आयुक्त कानपुर या अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) या पुलिस उपायुक्तों की पूर्व अनुमति प्राप्त किये बिना न तो पांच या इससे अधिक व्यक्तियों का किसी प्रकार का कोई जुलूस निकालेगा न ही सार्वजनिक स्थान पर पांच या इससे अधिक व्यक्तियों का समूह बनायेगा और न ही ऐसे किसी समूह में सम्मिलित होगा। कोई भी व्यक्ति एक दूसरे के धर्म-ग्रन्थों का अपमान नहीं करेगा। धार्मिक स्थानों, दीवारों आदि पर किसी प्रकार के धार्मिक झण्डे, बैनर, पोस्टर आदि नही लगायेगा, न ही किसी को इस कार्य में सहयोग प्रदान करेगा।


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