
जन एक्सप्रेस/रुद्रपुर :- अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के नेतृत्व में विभिन्न संगठनों ने शनिवार को रुद्रपुर के आंबेडकर पार्क में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने का विरोध किया। इसके बाद जुलूस निकालकर भगत सिंह चौक पर अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि दी गई।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए थे। ऐसे में दुष्यंत गौतम को राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई और नियुक्ति को रद्द करने की मांग की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा महिला उत्पीड़न के मामलों में अपने नेताओं को राजनीतिक संरक्षण देती है।
वक्ताओं ने अंकिता भंडारी के माता-पिता की गिरफ्तारी पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि न्याय की मांग कर रहे परिजनों के साथ ऐसा व्यवहार करना दुर्भाग्यपूर्ण है। वक्ताओं ने भाजपा पर महिला विरोधी रवैया अपनाने और आरोपों का सामना कर रहे लोगों को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाया।

प्रदर्शनकारियों ने महिला उत्पीड़न से जुड़े विभिन्न मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक प्रभाव के आधार पर संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान भाकपा (माले) के जिला सचिव ललित मटियाली, एडवोकेट अमनदीप कौर, एक्टू जिला सचिव अनिता अन्ना, सीएसटीयू महासचिव मुकुल, आम आदमी पार्टी की महिला मोर्चा अध्यक्ष किरण पांडेय विश्वास, समाजसेवी शंकर चक्रवर्ती, धर्मेंद्र सिंह, प्रेरणा गर्ग, वंदना रावत, जयदेव बोस, प्रेम सिंह, हरेंद्र सिंह, ज्ञानी सुरेन सिंह, सत्यवीर सिंह और माधुरी देवी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।






