बढ़ते जलस्तर और विसर्जन की चुनौती के बीच गोमती मित्रों ने संभाला मोर्चा
सीताकुंड धाम में तीन घंटे चला साप्ताहिक श्रमदान, सफाई कर श्रद्धालुओं को दिया स्वच्छता का संदेश

जन एक्सप्रेस /सुल्तानपुर :- आदि गंगा मां गोमती का जलस्तर बढ़ने और विसर्जन कार्यक्रमों के नजदीक आने के साथ ही सीताकुंड धाम में स्वच्छता बनाए रखना चुनौती बनता जा रहा है। बढ़ते जलस्तर के कारण घाटों और आसपास के रास्तों पर गंदगी फैल रही है। श्रद्धालुओं द्वारा पूजन सामग्री, कलश और कपड़े आदि रास्तों पर छोड़ दिए जाने से गोमती मित्रों की चिंता बढ़ गई है। इन विपरीत परिस्थितियों के बीच गोमती मित्र धाम की स्वच्छता बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
इसी क्रम में रविवार को सीताकुंड धाम में गोमती मित्र मंडल की ओर से साप्ताहिक श्रमदान किया गया। सुबह छह बजे से नौ बजे तक चले इस अभियान में सदस्यों ने धाम परिसर और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। जलस्तर में वृद्धि और आगामी विसर्जन कार्यक्रमों के दबाव के बीच गोमती मित्रों ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए धाम को स्वच्छ रखने का प्रयास किया।
गोमती मित्रों का कहना है कि धाम में आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान स्वच्छता बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासनिक व्यवस्थाओं के साथ-साथ आम श्रद्धालुओं का सहयोग भी जरूरी है। पूजन सामग्री और अन्य अपशिष्ट निर्धारित स्थानों पर डालने से घाटों की स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
विपरीत परिस्थितियों में भी गोमती मित्रों का नियमित श्रमदान मां गोमती के प्रति उनकी आस्था, पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता और सामाजिक दायित्वों के निर्वहन का उदाहरण है। संगठन के सदस्यों ने अपने प्रयासों से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया।
श्रमदान में गोमती मित्र मंडल के प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह, प्रबंधक राजेंद्र शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता रमेश माहेश्वरी, आरती संयोजक दिनकर सिंह, राकेश सिंह दद्दू, राजेश पाठक, मुन्ना सोनी, सेनजीत कसौधन दाऊ, रामु सोनी, आलोक तिवारी, सुजीत कसौधन, अभय, अर्जुन यादव, अशोक कुमार और अरुण गुप्ता सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।






