अंकिता भंडारी हत्याकांड के कथित वीआईपी की सीबीआई जांच होने तक राज्यपाल पद की नियुक्ति पर रोक लगा जाए

जन एक्सप्रेस /विकास नगर :- उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक और कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य रूप से अरविंद तोमर पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य वरिष्ठ पदाधिकारी एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी चंदन सिंह सजवाण,शहर अध्यक्ष जयकृष्णा सेमवाल ब्लॉक अध्यक्ष सौरभ उनियाल, जिला महामंत्री मोहिनी नौटियाल,वरिष्ठ आंदोलनकारी बीना पंवार और ऋतु ठाकुर के संयुक्त नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उप जिलाधिकारी विकासनगर के माध्यम से भारत के महामहिम राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भेजा है।
दल ने देवभूमि की बेटी अंकिता भंडारी के हत्याकांड में न्याय की गुहार लगाते हुए केंद्र सरकार द्वारा एक बेहद संवेदनशील मामले से जुड़े वरिष्ठ नेता को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर गहरी आपत्ति जताई है। यूकेडी नेताओं ने बयान में कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की शुरुआत से ही इसमें एक रसूखदार वीआईपी का नाम लगातार संदेह के घेरे में रहा है और पीड़िता के माता-पिता लंबे समय से न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
दल का स्पष्ट मानना है कि जब तक इस पूरे मामले के मुख्य रसूखदार चेहरे को उजागर नहीं किया जाता तब तक केवल छोटे मोहरों को जेल भेजना पूर्ण न्याय नहीं है। दल ने महामहिम राष्ट्रपति से मांग की है कि जब तक सीबीआई इस मामले के कथित वीआईपी एंगल की जांच पूरी नहीं कर लेती तब तक इस विवादित राज्यपाल नियुक्ति पर तुरंत रोक लगाई जाए ताकि पूरी जांच प्रक्रिया किसी भी प्रकार के राजनीतिक या संवैधानिक दबाव से मुक्त होकर निष्पक्ष रूप से संचालित हो सके। ज्ञापन सपना वालों में चंदन सिंह सजवाण, सूरत सिंह तोमर, जयकृष्णा सेमवाल, नरेंद्र कुकरेती, सुरेंद्र कुकरेती, तुषार शर्मा, अरविन्द तोमर, राजेश नौटियाल, मदन सिंह असवाल, लक्ष्मी प्रसाद नौटियाल, रंजीत नेगी, भूपेंद्र तोमर, शिलू ठाकुर, मोहिनी नौटियाल, ऊषा बिष्ट, विजय प्रकाश नौटियाल, रीवा सजवाण, बीना पंवार, अजय रतूड़ी, वी के नौटियाल उपस्थित थे।






