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धन्नीपुर में मस्जिद का नया डिजाइन तैयार, दिसंबर में पास होगा नक्शा

पारंपरिक शैली में बनेगी मस्जिद, होंगी पांच मीनारें और एक गुंबद

जन एक्सप्रेस/लखनऊ:  अयोध्या के धन्नीपुर में प्रस्तावित मस्जिद के लिए नया पारंपरिक डिजाइन तैयार कर लिया गया है। यह नक्शा दिसंबर में अयोध्या विकास प्राधिकरण (अविप्रा) में स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जाएगा। नया डिजाइन पूरी तरह पारंपरिक इस्लामिक शैली में तैयार किया गया है जिसमें पांच मीनारें और एक भव्य गुंबद शामिल हैं। मस्जिद में एक साथ लगभग 2000 नमाजी इकट्ठा होकर इबादत कर सकेंगे।

पुराना डिजाइन खारिज, नया नक्शा पारंपरिक स्वरूप में तैयार

इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड के मुखिया जफर अहमद फारूकी ने बताया कि मस्जिद का पूर्ववर्ती नक्शा आधुनिक और विदेशी शैली में था, जिसे न तो समाज का समर्थन मिला और न ही विभागीय अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC)। अब पारंपरिक डिजाइन के साथ नया नक्शा तैयार कर लिया गया है।

मस्जिद परिसर में होगी अस्पताल, लाइब्रेरी और लंगर की व्यवस्था

सिर्फ मस्जिद ही नहीं, बल्कि पूरे परिसर में छोटा अस्पताल, आधुनिक लाइब्रेरी, लंगर और एक छोटा गेस्ट हाउस भी बनाया जाएगा। यह न केवल धार्मिक स्थल होगा बल्कि एक सांस्कृतिक और सामाजिक सेवा केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा।

2021 में बना था पहला नक्शा, नहीं मिली थी स्वीकृति

मूल नक्शा वर्ष 2021 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के वास्तुविद् प्रो. एमएस अख्तर द्वारा तैयार किया गया था। वह नक्शा अत्यधिक आधुनिक होने के कारण विवादों में घिर गया और अविप्रा ने अग्निशमन समेत विभिन्न विभागों से NOC न मिलने के कारण उसे खारिज कर दिया। ट्रस्ट द्वारा नक्शा पास कराने के लिए उस समय ₹4.02 लाख की फीस भी जमा की गई थी।

पृष्ठभूमि: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत मिली थी जमीन

2019 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष को मस्जिद निर्माण हेतु पांच एकड़ भूमि दी गई थी। 3 अगस्त 2020 को अयोध्या से लगभग 25 किमी दूर धन्नीपुर गांव में यह भूमि सौंपी गई थी। यहीं मस्जिद, अस्पताल और अन्य संस्थान बनकर तैयार होंगे।

“पुराना डिजाइन पसंद नहीं आया, अब लोगों की भावनाओं का ध्यान रखा” – जफर फारूकी

फारूकी ने बताया, “पुराने नक्शे में आधुनिकता कुछ ज्यादा थी और वह लोगों की भावनाओं के अनुरूप नहीं था। अब पूरी तरह पारंपरिक शैली में, कांच का कम उपयोग करते हुए एक सौम्य और धार्मिक वातावरण देने वाला नक्शा तैयार किया गया है। अगले एक-दो महीने में इसे अयोध्या विकास प्राधिकरण में प्रस्तुत किया जाएगा।”

धन्नीपुर मस्जिद का नया डिजाइन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि सामाजिक सेवा के उद्देश्य से भी एक महत्वपूर्ण पहल है। नए नक्शे को लेकर अब समुदाय में उत्साह है और दिसंबर में स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

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