पुलिस पार्टी पर हमला कर साथी को छुड़ाने वाले सातों गुनाहगारों को आठ साल की सजा, 3.14 लाख रूपए का जुर्माना
अवैध असलहों से हमला कर रायफल छीनी, कोर्ट ने सुनाई सख्त सजा

जन एक्सप्रेस/हमीरपुर : उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जनपद के जरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अतरौली में वर्ष 2010 में पुलिस पार्टी पर घातक हमला कर एक अभियुक्त को छुड़ाने और सरकारी रायफल लूटकर फेंक देने के सनसनीखेज मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। हमीरपुर की अपर सत्र डकैती अदालत के स्कालर जज रनवीर सिंह ने सात अभियुक्तों को आठ-आठ साल की कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए 3,14,000 रूपए का आर्थिक दंड भी लगाया है।
हत्या की नीयत से हमला, लाठी-डंडों से घायल किए गए पुलिसकर्मी
यह मामला 3 सितंबर 2010 का है, जब अतरौली गांव में पुलिस टीम एक आरोपी को पकड़ने पहुंची थी। तभी सुरेश सहित अन्य अभियुक्तों — रमेश, राकेश, राजेश उर्फ राजेन्द्र, सिंहराज, अजय और प्रभूदयाल — ने एक राय होकर जानलेवा हमला किया। इन लोगों ने अवैध असलहों से फायरिंग की और लाठी-डंडों व कांटों से हमला कर पुलिसकर्मियों को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके बाद इन्होंने अपने साथी अभियुक्त सुरेश को जबरन छुड़ा लिया और एक सरकारी रायफल भी छीनकर फेंक दी थी।
इन धाराओं में हुआ था मुकदमा दर्ज
एसआई बुद्ध प्रकाश दीक्षित की तहरीर पर थाना जरिया में अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 847/2010 अंतर्गत भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 152, 307, 332, 333, 353, 224, 225, 325 तथा 2बी(12)/14 डी.पी. एक्ट में दर्ज किया गया था।
हिस्ट्रीशीटर अभियुक्तों को मिली सजा
अभियुक्त सुरेश (H.S. No.77A) को आठ साल की सजा के साथ 44,000 का जुर्माना, जबकि रमेश (H.S. No.64A), राकेश (H.S. No.58A), राजेश उर्फ राजेन्द्र (H.S. No.181A), सिंहराज (H.S. No.221A), अजय और प्रभूदयाल को आठ-आठ साल की सजा के साथ 45,000 का जुर्माना लगाया गया।
सशक्त पैरवी से आया न्याय
मामले की विवेचना तत्कालीन एसआई नयन सिंह द्वारा की गई थी। अभियोजन की ओर से एडीजीसी मणिकर्ण शुक्ला ने दमदार पैरवी करते हुए अभियुक्तों को सजा दिलवाने में निर्णायक भूमिका निभाई।






