दक्ष उत्तरकाशी मॉडल: युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार से जोड़ने की बड़ी पहल, जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश

जन एक्सप्रेस/उत्तरकाशी: जनपद के युवाओं के कौशल विकास और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन ने “दक्ष उत्तरकाशी मॉडल” तैयार करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने जिला कौशल विकास समिति की बैठक लेते हुए स्पष्ट किया कि अब प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को सरकारी विभागों की अस्थायी और आवश्यकता आधारित जरूरतों में प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रशिक्षित युवाओं को मिलेगा काम का मौका
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न ट्रेड (जैसे कृषि, उद्यान, प्लम्बर, इलेक्ट्रिशियन आदि) में प्रशिक्षित युवाओं की एक सूची तैयार की जाए।
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प्राथमिकता: विभिन्न विभागों को समय-समय पर जिन तकनीकी कार्यों की आवश्यकता होती है, उनमें बाहरी लोगों के बजाय स्थानीय प्रशिक्षित युवाओं को अवसर दिया जाएगा।
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चिन्हीकरण: जिला सेवायोजन अधिकारी को शिक्षा विभाग से समन्वय कर ऐसे दक्ष युवाओं का डेटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्कूली स्तर से ही कौशल विकास पर जोर
बैठक में छात्र-छात्राओं के भविष्य को संवारने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
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बैगलेस डे (Bagless Day): राजकीय इंटर कॉलेजों में हर माह के दूसरे और चौथे शनिवार को बैगलेस डे आयोजित किया जाएगा, जिसमें छात्र किताबी ज्ञान से इतर कौशल सीखेंगे।
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एक्सपोजर विजिट: पायलट प्रोजेक्ट के तहत कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए एक्सपोजर विजिट, उद्यमिता और कौशल विकास के कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
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कैरियर काउंसलिंग: कॉलेजों और महाविद्यालयों में समय-समय पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी ताकि छात्रों को सही दिशा और रोजगार के बेहतर अवसरों की जानकारी मिल सके।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
जिलाधिकारी ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को व्यवहारिक ज्ञान (Practical Knowledge) देना है। इससे न केवल वे आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि भविष्य में स्थानीय स्तर पर ही नए रोजगार सृजित करने में सक्षम होंगे।
बैठक में उपस्थिति: इस महत्वपूर्ण बैठक में परियोजना निदेशक अजय सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी एसएस वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी शैलेन्द्र अमोली और जिला सेवायोजन अधिकारी विनायक श्रीवास्तव सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।






