हाथरस: पशुओं में खुरपका-मुंहपका रोग, ग्रामीणों ने निकाला खप्पर

जन एक्सप्रेस/हाथरस : हाथरस जनपद के बिसावर क्षेत्र के गांव नगला भंगड़ी और नगला छत्ती में पिछले करीब एक महीने से पशुओं में खुरपका व मुंहपका (FMD) रोग फैला हुआ है। इस बीमारी की चपेट में लगभग 250 पशु आ चुके हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी चिंता का माहौल है।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार पशु चिकित्सा विभाग और संबंधित अधिकारियों को इस बीमारी की सूचना दी, लेकिन आज तक एक भी डॉक्टर गांव में इलाज के लिए नहीं पहुंचा।
डॉक्टर न आने पर ग्रामीणों ने अपनाई प्राचीन परंपरा
सरकारी मदद न मिलने से निराश ग्रामीणों ने अपनी प्राचीन धार्मिक परंपरा के अनुसार काली माता का खप्पर निकालने का निर्णय लिया। मान्यता है कि पशुओं में महामारी फैलने से पहले या बीमारी से मुक्ति पाने के लिए यह परंपरा निभाई जाती है।
खप्पर उठाने वाले श्रद्धालु एक दिन पूर्व से व्रत रखते हैं। खप्पर निकलने वाली रात से पहले सुबह गांव के बाहर मंत्रोच्चारण किया जाता है। इस दिन गांव की महिलाएं चूल्हे पर तवा नहीं रखतीं और सिल-बट्टे का प्रयोग भी नहीं करतीं।
पीपल वाली माता पर हवन-पूजन
मंगलवार की रात्रि को गांव में पीपल वाली माता पर विधि-विधान से हवन-पूजन किया गया। काली माता से नगरवासियों, पशु-पक्षियों के स्वास्थ्य तथा गांव से महामारी और बीमारियों को दूर रखने की मनौती मांगी गई।
मध्य रात्रि में निकाला गया खप्पर
मध्य रात्रि में खप्पर उठाया गया, जिसमें जलती हुई मां की ज्वाला को गांव की प्रत्येक गली में घुमाया गया। पूरे गांव में धार्मिक माहौल देखने को मिला और ग्रामीणों ने माता से पशुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।






