आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा ने मुख्यमंत्री को भेजा मांग-पत्र, कर्मचारियों को सरकारी दर्जा देने की मांग

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: जौनपुर आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की लंबित मांगों को लेकर माननीय मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। यह ज्ञापन जिलाधिकारी जौनपुर के माध्यम से भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
ज्ञापन में बताया गया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं विगत कई दशकों से महिला एवं बाल विकास विभाग की आधारशिला के रूप में कार्य कर रही हैं।
वे पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, टीकाकरण, मातृ-शिशु देखभाल सहित केंद्र व राज्य सरकार की अनेक योजनाओं का सफल क्रियान्वयन कर रही हैं।
इसके बावजूद आज भी उन्हें पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है और न ही सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
मोर्चा की ओर से कहा गया कि उनकी मांगों से संबंधित ज्ञापन कई बार सरकार को सौंपा जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
इसी क्रम में 9 जनवरी 2026 को आगामी आंदोलन की पूर्व सूचना भी प्रशासन को दी गई थी, किंतु सरकार की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आई।
प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं
1. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा देते हुए वेतनमान, भविष्य निधि, पेंशन, ग्रेच्युटी, महंगाई भत्ता तथा सवेतन मेडिकल अवकाश सहित सभी वैधानिक लाभ प्रदान किए जाएं।
2. उत्तर प्रदेश में भी सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष की जाए तथा कोरोना काल से अब तक सेवानिवृत्त समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पेंशन व ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए।
मोर्चा ने सरकार से शीघ्र मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है, अन्यथा आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है।






