महोबा में बदहाल सरकारी शिक्षा व्यवस्था: स्कूलों में शिक्षक नहीं, बच्चों का भविष्य संकट में

जन एक्सप्रेस/महोबा: जनपद महोबा के ढिगवाहा क्षेत्र में सरकारी शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चरमराती नजर आ रही है। यहां के कई प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव साफ दिखाई देता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है।
शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार:
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कई स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है
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शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुंचते
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विद्यालय भवन जर्जर अवस्था में हैं
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साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब है
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बच्चों की उपस्थिति लगातार घट रही है
इन समस्याओं के चलते स्कूलों में पढ़ाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है।
निजी स्कूलों की ओर बढ़ता रुझान
ग्रामीण अभिभावक अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अब सरकारी स्कूलों से भरोसा खोते जा रहे हैं। मजबूरी में वे महंगे निजी स्कूलों का रुख कर रहे हैं, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
जिम्मेदार कौन?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि:
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क्या संबंधित अधिकारी इन स्कूलों का निरीक्षण करेंगे?
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क्या जमीनी हकीकत की सही रिपोर्ट सामने आएगी?
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क्या बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल पाएगी?
सरकार से उम्मीद
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और Chief Minister Office Uttar Pradesh से क्षेत्रीय जनता की मांग है कि महोबा जिले की शिक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए।
ग्रामीण अंचलों के बच्चों का भविष्य तभी सुरक्षित हो सकता है जब शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और जवाबदेह बनाया जाए।






