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यूजीसी कानून 2026 के विरोध में हरपालपुर में युवाओं का उग्र प्रदर्शन, बाजार रहा बंद

जन एक्सप्रेस/हरदोई: केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए यूजीसी कानून 2026 के खिलाफ रविवार को हरदोई जिले के हरपालपुर कस्बे में युवाओं का गुस्सा सड़कों पर साफ नजर आया। कानून को शिक्षा विरोधी और काला कानून बताते हुए हजारों युवाओं ने एकजुट होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत कस्बे की मुख्य बाजार पूरी तरह बंद रही और चारों ओर नारेबाजी का माहौल बना रहा।

रविवार सुबह क्षेत्र के हजारों युवक-युवतियां तिवारी गेस्ट हाउस में एकत्रित हुए, जहां यूजीसी कानून 2026 के विभिन्न प्रावधानों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि यह कानून शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा देगा और गरीब, मध्यम वर्ग व ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों के लिए उच्च शिक्षा और भी कठिन बना देगा।

बैठक के बाद युवाओं ने रैली निकालते हुए कस्बे की सड़कों पर प्रदर्शन शुरू किया। हाथों में तख्तियां लिए छात्र “यूजीसी 2026 वापस लो”, “यूजीसी कानून हटाओ”, “काला कानून नहीं चलेगा”, “शिक्षा का बाजारीकरण बंद करो” जैसे नारे लगाते हुए आगे बढ़े। यह रैली कस्बे के प्रमुख मार्गों से होते हुए ककरा तिराहे तक पहुंची।

प्रदर्शन के दौरान पूरा इलाका नारेबाजी से गूंज उठा। युवाओं का आरोप था कि यूजीसी 2026 के जरिए सरकार शिक्षा व्यवस्था को पूंजीपतियों और निजी संस्थानों के हवाले करना चाहती है। उनका कहना था कि नए नियमों से सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की स्थिति कमजोर होगी, जबकि निजी संस्थानों की मनमानी बढ़ेगी।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह कानून योग्यता आधारित शिक्षा के बजाय पैसे पर आधारित शिक्षा को बढ़ावा देगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और सामान्य परिवारों से आने वाले युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। युवाओं ने इसे देश के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ बताया।

वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा को रोजगार से जोड़ने के बजाय उसे एक व्यापार में बदल रही है। उन्होंने कहा कि जब तक सभी वर्गों को समान शिक्षा का अधिकार नहीं मिलेगा, तब तक देश की तरक्की अधूरी रहेगी। युवाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि यूजीसी कानून 2026 को जल्द वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और उग्र रूप अपनाया जाएगा।

इस विरोध प्रदर्शन में विधायक प्रतिनिधि रजनीश त्रिपाठी, गजेंद्र सिंह चौहान, जगरूप तिवारी, कृष्ण कुमार त्रिवेदी, अवनीश द्विवेदी, शोभित त्रिवेदी, रामू सिंह, प्रधान संघ अध्यक्ष सांडी आलोक सिंह, शुभम शुक्ला, आर्यन शुक्ला, अजय शुक्ला, हर्षित त्रिवेदी, उज्ज्वल पांडेय सहित बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कई कार्यकर्ता व पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, हालांकि युवाओं के तेवर बेहद आक्रोशपूर्ण नजर आए। पूरे कस्बे में पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा और स्थिति पर नजर बनाए रखी गई। बाजार बंद रहने से आम जनजीवन प्रभावित रहा, लेकिन अधिकांश व्यापारियों ने युवाओं के आंदोलन का समर्थन किया।

यूजीसी कानून 2026 को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

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