आईपी कॉलेज में प्रदर्शन करने आए छात्र-छात्राओं को पुलिस ने हिरासत में लिया

नई दिल्ली । दिल्ली विश्वविद्यालय के इंद्रप्रस्थ महिला कॉलेज (आईपी कॉलेज) पर क्रांतिकारी युवा संगठन के छात्राएं प्रिंसिपल पूनम कुमारिया के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार सुबह प्रदर्शन करने पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने 27 प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लेकर उन्हें बुराड़ी थाने भिजवा दिया गया।
उत्तरी जिले के डीसीपी सागर सिंह कलसी ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 11 बजे आईपी कॉलेज के बाहर 15 से 20 छात्र-छात्रायें इक्कट्ठे होकर प्रदर्शन करने लगे। देखते ही देखते इनकी संख्या बढ़ने लगी। पुलिस ने उन्हें हटने के लिए कहा। लेकिन वह नहीं हटे। उसके बाद उन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और करीब 27 लोगों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए 15 लड़के व 12 लड़कियों को बुराड़ी थाने भेजा गया। इनमें आईपी कॉलेज की कोई छात्रा नहीं है।
इंद्रप्रस्थ महिला कॉलेज के बाहर विरोध प्रदर्शन
महिला आईपी कॉलेज पर प्रदर्शन करने के लिए क्रांतिकारी युवा संगठन और आइसा छात्र संगठन के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में सोमवार सुबह पहुंचे। छात्राओं की भीड़ ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी छात्राओं का कहना है कि जब तक कॉलेज की प्रिंसिपल पूनम कुमारी अपना इस्तीफा नहीं देगी, तब तक छात्र हित में इसी तरह के प्रदर्शन जारी रहेंगे।
वहीं प्रदर्शनकारी छात्राओं ने दिल्ली पुलिस पर बदसलूकी करने का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं के पीछे पुलिस भी जिम्मेदार है, क्योंकि पुलिस कॉलेजों में फेस्ट कार्यक्रम के दौरान सिक्योरिटी देने में नाकाम रहती है। इससे पहले दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने फेस्ट के दौरान छात्राओं के साथ अभद्रता के मामले पर संज्ञान लिया था। उन्होंने मामले में दिल्ली पुलिस और कॉलेज के प्रिंसिपल को नोटिस जारी किया था।






