“सहकार से समृद्धि: ग्रामीण विकास की ओर एक नया कदम”

जन एक्सप्रेस/ संतकबीरनगर: संतकबीरनगर में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) जयकेश त्रिपाठी की अध्यक्षता में सहकारिता विभाग द्वारा विकास भवन सभागार में मेगा इवेंट का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य “सहकार से समृद्धि” की परिकल्पना को साकार करना था। सरकार द्वारा 2 लाख नई पैक्स, डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों की स्थापना के लक्ष्य के तहत यह आयोजन किया गया। इस योजना के अंतर्गत सहकारी समितियों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
महत्वपूर्ण उपलब्धियां और प्रमाण-पत्र वितरण
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि देशभर में अब तक 10,000 से अधिक नई सहकारी समितियां गठित की जा चुकी हैं। इस कार्यक्रम में संतकबीरनगर जिले में दुग्ध विभाग द्वारा 8 और मत्स्य विभाग द्वारा 1 समिति का गठन किया गया। सीडीओ ने इन समितियों को निबंधन प्रमाण-पत्र वितरित किए। उन्होंने सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण विकास में हो रहे योगदान को सराहा।
सहकारिता का ऐतिहासिक और वर्तमान महत्व
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि, राकेश मिश्र, ने सहकारिता की भूमिका पर चर्चा करते हुए कहा कि सहकारिता का उदय साहूकार व्यवस्था से मुक्ति दिलाने और किसानों की जरूरतें पूरी करने के लिए हुआ था। सहकारी समितियों ने किसानों को उर्वरक, बीज और कृषि उपकरण उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाने में मदद की है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में सहकारिता का योगदान हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है।
सहकारिता का विश्वास और संचालन
सीडीओ ने अपने संबोधन में सहकारिता के प्रति किसानों के भरोसे को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि किसान आज भी सबसे पहले सहकारी समितियों से उर्वरक और बीज लेने जाते हैं। कार्यक्रम का संचालन सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक आनंद कुमार मिश्र ने किया। इस मौके पर कई अधिकारी, जैसे डीसी एनआरएलएम जीशान रिजवी, नगर सहकारी बैंक के सचिव राजेश प्रकाश मिश्र, और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।






