लखनऊ नगर निगम की लापरवाही से मौत का खेल जारी, जर्जर मकानों में सजी मौत की दुकानें

जन एक्सप्रेस लखनऊ: लखनऊ के लाल कुआं क्षेत्र में नगर निगम की लापरवाही चरम पर है। जर्जर मकानों की हालत इतनी खराब है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन फिर भी इन इमारतों में बेखौफ दुकानें सज रही हैं। स्थानीय प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है और नगर निगम के अधिकारी सिर्फ औपचारिकता निभाकर कागज़ों में कार्रवाई पूरी कर रहे हैं।
सड़क किनारे लगी दुकानों और अवैध कब्जों ने आम लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है। तंग गलियों में चल रही इन दुकानों से न सिर्फ ट्रैफिक बाधित होता है, बल्कि यह किसी भी आपात स्थिति में जानलेवा साबित हो सकती हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि ये दुकानें जर्जर मकानों में चलाई जा रही हैं, जिनकी हालत किसी भी वक्त मौत को दावत दे सकती है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद भी नगर निगम के अधिकारी केवल नोटिस थमा कर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। अधिकारियों की उदासीनता और मिलीभगत के चलते जर्जर भवनों में व्यापार फल-फूल रहा है। कहीं न कहीं इस लापरवाही के पीछे भ्रष्टाचार की बू साफ नजर आती है।
प्रशासन को क्या हमेशा हादसे के बाद ही नींद आती है? सवाल यह है कि क्या कोई बड़ा हादसा ही जिम्मेदारों को जगाएगा? लखनऊ जैसे बड़े शहर में इस तरह की स्थिति शर्मनाक है। अब जनता को उम्मीद है कि प्रशासन समय रहते चेत जाए, वरना अगली खबर किसी जानमाल के नुकसान की होगी।






