पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज मिश्र ने CM को लिखा पत्र, हाईकोर्ट जाने की चेतावनी
जनता को असुविधा, प्राइवेट वाहनों को फायदा—जमीन पर कब्जे का आरोप

जन एक्सप्रेस चित्रकूट। शहर के बीचोबीच स्थित बस स्टैण्ड को आच्छादित कर आमजन की सुविधा बाधित किए जाने के खिलाफ पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज मिश्र लगातार मुखर रूप से विरोध कर रहे हैं। अब उन्होंने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि समाधान नहीं निकला, तो वे हाईकोर्ट की शरण लेंगे। पत्र में मिश्र ने जिले के कलेक्टर से लेकर पूरे प्रशासनिक अमले, सत्तारूढ़ नेताओं और विपक्ष को भी जनविरोधी चुप्पी के लिए आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला आम जनता को असुविधा में डालने वाला और कुछ निजी वाहन स्वामियों को लाभ पहुंचाने वाला है।
जनता को असुविधा, निजी वाहनों को लाभ
मिश्र ने पत्र में लिखा कि प्रयागराज और कानपुर जैसे शहरों में भी बस स्टैण्ड शहर के बीचोबीच स्थित हैं, फिर चित्रकूट में उसे क्यों हटाया जा रहा है? उन्होंने आरोप लगाया कि इस कदम से प्राइवेट और डग्गामार वाहन चालकों को फायदा पहुंचाया गया है और आम आदमी की जान को खतरे में डाल दिया गया है।
‘जमीन का खेल’, सत्ता संरक्षित गैंग पर गंभीर आरोप
पूर्व जिलाध्यक्ष ने इस पूरे मामले को एक सत्ता संरक्षित भू-माफिया गैंग की साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि यह वही गिरोह है जो शहर की बहुमूल्य जमीनों पर गिद्ध दृष्टि गड़ाए हुए है — चाहे वह पुराने किले का ध्वस्तीकरण हो, बेथेल स्कूल की जमीन हो या ओवरब्रिज के पास की दुकानें।
सत्ता और विपक्ष की चुप्पी पर सवाल
पत्र में उन्होंने कहा कि यह बेहद जनविरोधी फैसला है और विपक्ष की चुप्पी हैरान करने वाली है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्दी कोई समाधान नहीं निकला, तो वे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर प्रशासन और नगरपालिका की इस कार्रवाई को चुनौती देंगे।






