राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हुआ उत्तराखंड, खनन प्रभावित क्षेत्रों में योजनाओं की सफलता का मिला गौरव
खनन निदेशक राजपाल लेघा के नेतृत्व में मिली बड़ी उपलब्धि

जन एक्सप्रेस
नई दिल्ली/देहरादून।
खनन प्रभावित क्षेत्रों के सतत विकास और जनकल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों को लेकर उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा 9 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) कार्यशाला के दौरान उत्तराखंड को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
यह पुरस्कार वर्ष 2023-24 में पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं की प्रभावी निगरानी और लेखा परीक्षा रिपोर्टों को 90% समय पर पूरा करने की उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए प्रदान किया गया है।
यह सम्मान माननीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी द्वारा उत्तराखंड की ओर से मोहम्मद काज़िम रज़ा, खान अधिकारी, जनपद हरिद्वार को प्रदान किया गया।
बागेश्वर की खगोल प्रयोगशालाएं बनीं प्रेरणा स्रोत
कार्यशाला में उत्तराखंड की एक और उपलब्धि को सराहना मिली, जहां जनपद बागेश्वर के राजकीय इंटर कॉलेजों में खगोल विज्ञान, व्यावहारिक शिक्षा और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने हेतु स्थापित खगोल विज्ञान प्रयोगशालाएं (Astronomy Labs) को प्रेरणादायक सफलता की कहानियों के रूप में प्रदर्शित किया गया।
इन प्रयोगशालाओं को भारत सरकार की प्रधानमंत्री खान क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY) की कॉफी टेबल बुक में भी स्थान मिला है, जो प्रदेश के लिए गौरव की बात है।
पारदर्शिता और प्रतिबद्धता का परिणाम: निदेशक
भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय, उत्तराखंड के निदेशक राजपाल लेघा ने इस अवसर पर कहा कि यह सम्मान राज्य की प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है। उन्होंने विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा कि आने वाले समय में भी इसी ऊर्जा और समर्पण के साथ खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति दी जाएगी।
यह सम्मान न केवल उत्तराखंड के प्रयासों की सराहना है, बल्कि देशभर के लिए एक प्रेरणा है कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में कैसे योजनाएं सफलतापूर्वक लागू की जा सकती हैं।






