सीएम की जीरो टॉलरेंस नीति को ठेंगा दिखा रहे राठ के बस कंडक्टर

जन एक्सप्रेस/हमीरपुर : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति को राठ परिवहन डिपो की दिल्ली जाने वाली बसों के कंडक्टर लगा रहे हैं पलीता। जबकि परिवहन निगम को लगा रहे हैं लाखों के राजस्व का चूना। ये सारा नजारा उस वख्त देखने को मिला, जब 23 जुलाई 2025 को राठ डिपो की बस नम्बर यूपी-टीके- 7319 दिल्ली से चलकर राठ जाने के लिये कानपुर से करीब 1:46 बजे घाटमपुर होती हुई हमीरपुर आ रही थी, इसी दौरान घाटमपुर से बस में बैठने वाली सवारी से कंडक्टर ने हमीरपुर तक के 30 रुपये तो ले लिये, लेकिन उसे टिकट नहीं दिया, वही सजेती से हमीरपुर के लिये बैठने वाली सवारी से भी बस कंडक्टर ने 20 रुपये ले लिये, लेकिन उसे भी टिकट नहीं दिया, हालांकि जब कंडक्टर से सवारी को टिकट न देने के बारे में पूंछा गया तो, कंडक्टर बोला ये सबतो चलता रहता है। अब बड़ा सवाल ये उठता है कि जब परिवहन निगम कंडक्टर को हर महीने मोटी तनखाह देता है, तो उसके बावजूद बस में बैठने वाली सवारी को कंडक्टर का टिकट न देने का सीधा मतलब तो ये हुआ कि बस कंडक्टर परिवहन निगम को लाखों के राजस्व का चूना लगा रहे हैं। अब इसके बाद ये तो तय है कि, परिवहन निगम को घाटे में जाना ही जाना है। जबकि अब देखने वाली बात ये होगी कि 23 जूलाई 2025 को राठ डिपो की बस नम्बर यूपी-टीके-7319 में ड्यूटी कर रहे कंडक्टर के खिलाफ घाटमपुर सहित सजेती से डबल्यू टी सवारी बैठाकर भ्रष्टाचार को बढावा देने के जुर्म में क्या कार्यवाही की जाती है।






