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जौनपुर कांड: SHO समेत 12 पर हत्या की साजिश और फर्जी मुकदमा दर्ज

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: जौनपुर जिले से जुड़े एक सनसनीखेज मामले में अदालत के आदेश पर पुलिस ने तत्कालीन थानाध्यक्ष, एक कांस्टेबल समेत 12 नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की साजिश, फर्जी मुकदमे और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। न्यायालय के आदेश के बाद दर्ज हुए इस मुकदमे ने न सिर्फ इलाके की सियासत बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

मड़ियाहूं के उचनी कला निवासी अधिवक्ता सुशील कुमार यादव पुत्र शिवगोविन्द यादव ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र संख्या 706/24 दाखिल कर बताया कि उनकी पत्नी पूजा यादव ग्राम सभा उचनी कला की प्रधान हैं। 29 फरवरी 2024 को विपक्षी पक्ष द्वारा सरकारी भूमि पर कब्जा किया जा रहा था, जिसकी शिकायत उन्होंने डायल 112 पर की। इसी दौरान विपक्षियों ने उन पर हमला किया और बाद में थाने में भी धमकी दी कि उन्हें और उनके परिवार को हत्या के मुकदमे में फंसा दिया जाएगा ताकि प्रधान पद से हटाया जा सके।

कुछ ही दिनों बाद 4 मार्च 2024 को गांव के संजय सिंह की हत्या हो गई। इसके बाद पुलिस ने सुशील यादव को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि तत्कालीन SHO विनोद मिश्रा और कांस्टेबल पवन कुमार पांडेय की मिलीभगत से विपक्षियों ने फर्जी तहरीर तैयार कराई, जिसमें प्रताप सिंह के नाम से फर्जी हस्ताक्षर किए गए। इसी आधार पर अधिवक्ता और उनके परिवार को हत्या के मुकदमे में फंसा दिया गया।

अधिवक्ता ने अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि— पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले ही झूठी बरामदगी (पेचकस और गुप्ती) दिखाकर केस को फर्जी तरीके से मजबूत किया। गवाहों के बयानों को मनमर्जी से लिखकर आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया। उन्हें थाने में तीन दिन तक अवैध रूप से हिरासत में रखकर मारपीट की गई और बाद में फर्जी बरामदगी दिखाकर जेल भेज दिया गया। पूरे मामले में विपक्षी पक्ष और पुलिस के बीच मिलीभगत रही। न्यायालय के आदेश पर नया मुकदमा अदालत ने अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद थाना मड़ियाहूं को आदेश दिया कि विपक्षियों और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। अदालत के आदेश पर पुलिस ने तत्कालीन SHO विनोद मिश्रा, कांस्टेबल पवन कुमार पांडेय सहित 12 नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 302, 120B, 201, 211, 213, 193, 194, 342, 34 IPC में मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।

 

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