लखनऊ में देश का पहला डॉग ट्रेनिंग सेंटर शुरू होगा, नवंबर से इंदिरा नगर में होगा संचालन
नगर निगम और एनिमल वेलफेयर संस्था के बीच हुआ समझौता, पूरे प्रदेश के कर्मियों को मिलेगा प्रशिक्षण

जन एक्सप्रेस लखनऊ: लखनऊ में डॉग बाइट्स और आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। देश का पहला एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) ट्रेनिंग सेंटर राजधानी के इंदिरा नगर स्थित जरहरा इलाके में स्थापित किया जा रहा है।इस प्रोजेक्ट के लिए नगर निगम ने ह्यूमन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स इंडिया फाउंडेशन के साथ 3 साल का समझौता किया है। ट्रेनिंग सेंटर के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और नवंबर के अंतिम सप्ताह तक इसका संचालन भी शुरू हो जाएगा।
प्रदेशभर के स्टाफ को मिलेगा 15 दिन का विशेष प्रशिक्षण
यह सेंटर नगर निगमों और नगर पालिका परिषदों के पशु चिकित्सा अधिकारियों, पैरामेडिकल स्टाफ और डॉग कैचर कर्मियों को 15 दिवसीय प्रशिक्षण देगा। प्रशिक्षण शुल्क निम्नानुसार तय किया गया है:
पशु चिकित्सक के लिए: ₹1000
पैरामेडिकल स्टाफ के लिए: ₹500
कुत्ता पकड़ने वाले कर्मी के लिए: ₹500
यह प्रशिक्षण एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) कार्यक्रम को संगठित और प्रभावी रूप से लागू करने में मदद करेगा। प्रति दिन 50 डॉग की नसबंदी, 300 डॉग रखने की क्षमताइस अत्याधुनिक सेंटर में एक साथ 300 डॉग रखने और प्रतिदिन 50 डॉग की नसबंदी की व्यवस्था होगी। यह उत्तर प्रदेश में एबीसी कार्यक्रम के संचालन को तेज गति देने में अहम भूमिका निभाएगा।वर्तमान में लखनऊ में करीब 1.10 लाख कुत्ते हैं, जिनमें 2019 से अब तक 97 हजार की नसबंदी हो चुकी है। नगर निगम का लक्ष्य शेष कुत्तों की नसबंदी को भी तेज़ी से पूरा करना है।
क्यों है यह सेंटर खास?
देश का पहला समर्पित डॉग ट्रेनिंग और नसबंदी प्रशिक्षण केंद्र पूरे प्रदेश के स्टाफ को प्रमाणित ट्रेनिंग डॉग हैंडलिंग से लेकर नसबंदी तक की व्यवस्थित प्रक्रिया लखनऊ में डॉग बाइट की घटनाओं पर प्रत्यक्ष नियंत्रण की उम्मीद कुत्तों से करुणा और व्यवस्था दोनों — लखनऊ बना मॉडल शहरइस पहल से लखनऊ न केवल आवारा कुत्तों की समस्या को नियंत्रित करेगा, बल्कि अन्य शहरों के लिए एक मॉडल भी प्रस्तुत करेगा। जनस्वास्थ्य, पशु कल्याण और प्रशासनिक दक्षता—तीनों का मेल इस परियोजना को विशेष बनाता है।






