
जन एक्सप्रेस हरिद्वार:गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में एक प्रेरणादायी वातावरण के बीच दो दिवसीय युवा जागरण शिविर का सफल आयोजन संपन्न हुआ। इस शिविर में देश के विभिन्न हिस्सों से आए सैकड़ों युवा प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें UPSC की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी, सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, और प्रतिष्ठित कंपनियों में कार्यरत युवा अधिकारी भी शामिल थे।शिविर के दौरान देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा केवल कैरियर बनाना पर्याप्त नहीं, जब तक चरित्र निर्माण न हो — तब तक सफलता अधूरी है। आज का युवा यदि आत्मिक और नैतिक रूप से जाग्रत हो जाए, तो वह समाज के हर क्षेत्र में श्रेष्ठ योगदान दे सकता है।”
युवाओं के भीतर छिपे देवत्व को जाग्रत करने का आह्वान:
केन्द्रीय युवा प्रकोष्ठ के समन्वयक केपी दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि पृथ्वी पर स्वर्ग का अवतरण तब संभव है जब हम अपने व्यक्तित्व, विचार और कर्मों में उत्कृष्टता लाएँ।
हर युवा के भीतर देवत्व का बीज है, बस उसे जगाने की आवश्यकता है। जब यह बीज पल्लवित होता है, तभी समाज में श्रेष्ठ परिवर्तन संभव होता है।”उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे करियर की तैयारी के साथ-साथ समाज निर्माण की दिशा में भी सक्रिय योगदान दें।शिविर के आगामी सत्रों में योग, ध्यान, व्यक्तित्व विकास, और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। युवाओं को जीवन के आध्यात्मिक और व्यावसायिक दोनों पहलुओं में संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा दी गई। इस अवसर पर मनीष कुमार, विनय पाण्डेय, संदीप पाण्डेय, दिनेश शर्मा, ओंकार शर्मा, गौरव वत्सल, विनय चौरसिया, लोकेश गर्ग, संदीप रजौरिया, अखिलेश पाण्डेय, राजाराम सहित अनेक प्रेरणादायी युवा शामिल रहे, जिन्होंने शिविर के उद्देश्यों को सार्थकता प्रदान की।






