सुजानगंज में महिला को पुलिस की मौजूदगी में घर से निकाला गया, प्रशासन मौन

जन एक्सप्रेस जौनपुर: थाना सुजानगंज क्षेत्र के ग्राम हरईपुर, ताजनपुर की रहने वाली इन्दु पत्नी लक्ष्मण राम ने गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी जौनपुर से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता का कहना है कि ग्राम प्रधान की देवरानी प्रमीला देवी एवं देवर पिंटू ने स्थानीय पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से उन्हें और उनके बच्चों को जबरन घर से निकाल दिया।पीड़िता के अनुसार, घटना 26 अक्टूबर 2025 की शाम करीब चार बजे की है, जब दरोगा रामभुवन यादव व दो अन्य सिपाहियों के साथ विपक्षी पक्ष ने घर में घुसकर गाली-गलौज करते हुए धमकी दी कि “मैं प्रधान हूँ, शासन-प्रशासन कुछ नहीं कर पाएगा।” इसके बाद महिला, उसकी दो जवान बेटियों और एक पुत्र को घर से निकालकर भगा दिया गया।पीड़िता का आरोप है कि उपजिलाधिकारी बदलापुर द्वारा दिए गए स्पष्ट आदेश के बावजूद स्थानीय पुलिस ने उनके परिवार को घर में नहीं रहने दिया उल्टे, 27 अक्टूबर की रात 1 बजे पुलिस की मौजूदगी में उन्हें उनके ससुराल में रखने के बजाय मायके छोड़ दिया गया।तीन दिन से अपने बच्चों के साथ सड़कों पर भटक रही पीड़िता ने जिलाधिकारी जौनपुर से गुहार लगाई है कि एसडीएम बदलापुर एवं एसओ सुजानगंज को मौके पर भेजकर उनके घर का ताला खुलवाया जाए और दोषी पुलिसकर्मियों एवं ग्राम प्रधान पक्ष पर कड़ी कार्रवाई की जाए।इन्दु देवी ने कहा कि अगर प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो मुझे और मेरे बच्चों की जान को खतरा है। न्याय नहीं मिला तो आत्महत्या करने को विवश हो जाऊंगी।ग्रामवासियों के अनुसार, मामले में प्रधान पक्ष के प्रभाव के कारण पुलिस निष्क्रिय बनी हुई है, जिससे क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है।






