रानीपुर टाइगर रिजर्व में अवैध खुदाई का तांडव!
एनजीटी के आदेशों की उड़ रही धज्जियां, वन्यजीवों और पर्यावरण पर मंडराया खतरा

जन एक्सप्रेस मानिकपुर (चित्रकूट)।(हेमनारायण हेमू)रानीपुर टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में खुलेआम एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। मानिकपुर विकासखंड के सकरौहा गांव में बिना किसी विभागीय अनुमति (NOC) के कई जेसीबीयां दिन-रात खुदाई में लगी हैं। यह इलाका पर्यावरण की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है, जहां किसी भी प्रकार की खुदाई या निर्माण कार्य पूरी तरह प्रतिबंधित है।ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक मिलीभगत से गरीबों और आदिवासियों की जमीनें छीनी जा रही हैं। कई लोगों को बहला-फुसलाकर भूमिहीन कर दिया गया है, लेकिन स्थानीय प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
“दिन-रात जेसीबी चल रही हैं, धूल और कंपन से जंगल का सन्नाटा टूटा है। जंगली जानवरों का अस्तित्व खतरे में है,” — एक ग्रामीण ने बताया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह पूरा खेल ठेकेदारों और कुछ अफसरों की मिलीभगत का नतीजा है। उन्होंने शासन से तत्काल जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते इस अवैध गतिविधि पर रोक नहीं लगाई गई, तो यह टाइगर रिजर्व के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है।ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री व पर्यावरण विभाग से गुहार लगाई है कि मौके पर टीम भेजकर जांच कराई जाए और रानीपुर टाइगर रिजर्व को अवैध खनन से मुक्त कराया जाए।






