उत्तर प्रदेशहमीरपुर

अब मददगार ही असुरक्षित! वन स्टॉप सेंटर की मैनेजर ने मांगी अपने ही अधिकारी से सुरक्षा

हमीरपुर में वन स्टॉप सेंटर विवाद गहराया — मैनेजर और डिस्ट्रिक्ट प्रोबेशन ऑफिसर आमने-सामने, जांच से पहले प्रशासन खामोश

हमीरपुर, जन एक्सप्रेस। महिलाओं और बालिकाओं को हिंसा से बचाने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई वन स्टॉप सेंटर योजना अब खुद विवादों में घिर गई है। मदद देने वाले इस सेंटर की मैनेजर मोनिका गुप्ता ने अपने ही वरिष्ठ अधिकारी डिस्ट्रिक्ट प्रोबेशन ऑफिसर (डीपीओ) राजीव सिंह से असुरक्षित महसूस करने की शिकायत की है।यह मामला अब जिले में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है — क्योंकि जिस योजना का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा और सहायता देना है, वहीं की मैनेजर को ही अब “सुरक्षा की दरकार” महसूस हो रही है।मैनेजर मोनिका गुप्ता का कहना है कि उन्हें अपने ही अधिकारी से खतरा है और वह उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही हैं।
वहीं, डीपीओ राजीव सिंह ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि “मैनेजर अपने खिलाफ चल रही कार्यवाही से बचने के लिए झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगा रही हैं।”डीपीओ के अनुसार, वन स्टॉप सेंटर की मैनेजर के खिलाफ पहले से ही कई शिकायतें लंबित हैं, जिनकी जांच विचाराधीन है।

पूर्व विवाद भी आया सामने

सूत्रों के अनुसार, कुछ समय पहले वन स्टॉप सेंटर की सुपुर्दगी में आई एक पीड़ित युवती ने सेंटर में व्यवस्थाओं की खराबी को लेकर नाराज होकर खुदकुशी करने की कोशिश की थी।हालांकि उस समय युवती को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन सेंटर प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया था।

प्रशासन मौन, जांच के बिना सच मुश्किल

फिलहाल जिला प्रशासन इस पूरे विवाद पर खामोश है। न तो किसी पक्ष की औपचारिक जांच की घोषणा हुई है और न ही कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने आई है।जानकारों का कहना है कि जब तक स्वतंत्र जांच नहीं होती, तब तक इस विवाद का सच सामने आना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन है।यह मामला अब जनचर्चा का विषय बन गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि — “अगर वन स्टॉप सेंटर की जिम्मेदार अधिकारी ही खुद को असुरक्षित मानने लगें, तो पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा कौन देगा?”

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button