प्रयागराज में IAS अधिकारी के मकान में सेक्स रैकेट का खुलासा, पुलिस रेड में 9 लोग गिरफ्तार

जन एक्सप्रेस/प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक गलियारों से लेकर आम जनता तक को चौंका दिया है। शहर के कीटगंज इलाके में स्थित एक मकान, जो एक IAS अधिकारी के नाम पर दर्ज है, वहां पुलिस ने छापा मारकर सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 4 महिलाओं और 5 पुरुषों को आपत्तिजनक हालत में गिरफ्तार किया है।
हालांकि शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि जिस मकान में यह अवैध गतिविधि चल रही थी, वह भले ही एक IAS अधिकारी का है, लेकिन उसे 15 हजार रुपये प्रतिमाह किराए पर दिया गया था। इस घर को किराए पर लेने वाला व्यक्ति ही पूरे सेक्स रैकेट का संचालन कर रहा था।
गोपनीय शिकायत के बाद हुई बड़ी कार्रवाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कीटगंज थाना क्षेत्र के खालासी लाइन मोहल्ले में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी कि रात के समय मकान में संदिग्ध आवाजाही होती है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ACP राजीव यादव के नेतृत्व में मामले की गोपनीय जांच कराई गई।
जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद, कीटगंज थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने पुलिस बल के साथ मकान नंबर 514 में देर रात छापा मारा।
छापेमारी के दौरान मचा हड़कंप
जब पुलिस ने मकान में दबिश दी, तो अंदर मौजूद लोग आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए। पुलिस को देखकर सभी लोग भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन टीम ने चारों ओर से घेराबंदी कर सभी 9 लोगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने मौके से कई आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है, जिन्हें सबूत के तौर पर जब्त किया गया है। इस रेड के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
सेक्स रैकेट का मास्टरमाइंड कौन?
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस अवैध धंधे का मास्टरमाइंड दरियाबाद का रहने वाला सर्वेश द्विवेदी है। वही व्यक्ति इस मकान को किराए पर लेकर यहां सेक्स रैकेट चला रहा था।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार की गई महिलाओं में
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एक महिला प्रयागराज की,
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एक वाराणसी की,
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एक दक्षिण भारत की,
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और एक पश्चिम बंगाल की रहने वाली है।
सभी महिलाओं से सर्वेश द्विवेदी जबरन या लालच देकर अनैतिक कार्य करवाता था।
IAS अधिकारी की भूमिका पर क्या कहा पुलिस ने?
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल IAS अधिकारी की सीधी संलिप्तता के कोई सबूत नहीं मिले हैं। अधिकारी ने मकान किराए पर दे रखा था और वहां क्या गतिविधियां चल रही हैं, इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी। हालांकि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मकान मालिक की ओर से कोई लापरवाही तो नहीं बरती गई।
ACP का आधिकारिक बयान
ACP राजीव यादव ने मीडिया को बताया,“हमें शिकायत मिली थी, जिसके बाद गोपनीय जांच कराई गई। रेड के दौरान आपत्तिजनक स्थिति में लोग मिले हैं। पूछताछ में कुछ अहम सुराग मिले हैं, जिन्हें वेरिफाई किया जा रहा है। मामले की जांच हर एंगल से की जा रही है।”
पुलिस की आगे की कार्रवाई
फिलहाल सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि
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क्या इस रैकेट के तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं
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कितने समय से यह धंधा चल रहा था
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और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं
पुलिस ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।






