जौनपुर में स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाओं की अनदेखी पर भड़का आक्रोश, राष्ट्रवादी नौजवान ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: जौनपुर जनपद में स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों की प्रतिमाओं के प्रति प्रशासनिक उदासीनता को लेकर नागरिकों और सामाजिक संगठनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को राष्ट्रवादी नौजवान संगठन के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और जिलाधिकारी से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने महापुरुषों की प्रतिमाओं के आसपास फैली अव्यवस्था, गंदगी और अवैध होर्डिंग्स को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जिन महापुरुषों ने देश की आज़ादी और सम्मान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, आज उन्हीं की प्रतिमाएं उपेक्षा का शिकार हो रही हैं। यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय भी है।
नेताजी की प्रतिमा बनी उपेक्षा का प्रतीक
ज्ञापन में विशेष रूप से नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का उल्लेख किया गया। प्रतिनिधियों ने बताया कि प्रतिमा के आसपास अव्यवस्था का आलम है। राजनीतिक दलों और व्यावसायिक संस्थानों द्वारा लगाए गए अवैध बैनर और होर्डिंग्स प्रतिमा के चारों ओर ही नहीं, बल्कि कई स्थानों पर प्रतिमा के ऊपर तक लगाए गए हैं, जो महापुरुष के सम्मान को ठेस पहुंचाते हैं।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर स्थित महापुरुषों की प्रतिमाओं को प्रचार का माध्यम बना दिया गया है, जो निंदनीय है और तत्काल कार्रवाई की मांग करता है।
रखरखाव और सफाई की बदहाल स्थिति
राष्ट्रवादी नौजवान संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रतिमाओं के आसपास लगी रेलिंग टूटी हुई है, कई जगह जंग लग चुका है और नियमित सफाई न होने के कारण वहां गंदगी फैली रहती है। इससे न केवल सौंदर्य खराब हो रहा है, बल्कि आमजन में भी गलत संदेश जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इन स्थलों का रखरखाव प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन वर्तमान स्थिति यह दर्शाती है कि कोई भी विभाग इसकी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।
प्रशासनिक अनदेखी पर उठे सवाल
ज्ञापन सौंपने आए प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाएं केवल पत्थर या धातु की मूर्तियां नहीं हैं, बल्कि ये हमारे इतिहास, संघर्ष और स्वाभिमान की प्रतीक हैं। ऐसे में इनकी उपेक्षा करना राष्ट्र की भावनाओं की अनदेखी के समान है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे लोगों में आक्रोश और निराशा दोनों बढ़ रही है।
डीएम ने दिया त्वरित कार्रवाई का आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनने के बाद जिलाधिकारी ने पूरे मामले को संज्ञान में लिया। डीएम ने आश्वासन दिया कि संबंधित विभागों के अधिकारियों और क्षेत्रीय थाना प्रभारी (SHO) को तत्काल निर्देश जारी किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि जल्द ही प्रतिमाओं के आसपास से अवैध होर्डिंग्स और बैनर हटवाए जाएंगे, साथ ही उनके सौंदर्यीकरण, सफाई और सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो, इसके लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी।
आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने के बाद राष्ट्रवादी नौजवान संगठन के नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि प्रशासन द्वारा जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा,
“ये प्रतिमाएं हमारे गौरव और बलिदान की निशानी हैं। इनका अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
उपस्थित रहे ये पदाधिकारी
इस दौरान राष्ट्रवादी नौजवान जिला अध्यक्ष नवीन सिंह, जिला सचिव प्रमोद कुमार शुक्ला, मयंक पाण्डेय, हर्षित सिंह सहित संगठन के कई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।







