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समाज के हर जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता ही सच्ची समाजसेवा है: राजेश मिश्रा

जन एक्सप्रेस / हरदोई: समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग की सेवा को ही अपना जीवन उद्देश्य मानने वाले अखिल भारतीय ब्राम्हण महासभा (रा) के प्रांतीय उपाध्यक्ष राजेश मिश्रा आज हरदोई से लेकर फर्रुखाबाद तक समाजसेवा का एक जाना-पहचाना नाम बन चुके हैं। उन्होंने न सिर्फ सामाजिक क्षेत्र में बल्कि राजनीतिक जीवन में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। उनका मानना है कि समाज की प्रगति तभी संभव है, जब अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुंचे।

राजेश मिश्रा ने समय-समय पर जरूरतमंदों की मदद कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है। कोविड-19 महामारी के कठिन दौर में जब लोग जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब उन्होंने दूध, खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी वस्तुएं जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाईं। इस दौरान उनकी सक्रिय भूमिका ने उन्हें समाजसेवा के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान दिलाई।

समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता केवल आपदा के समय तक सीमित नहीं रही। उन्होंने गरीब महिलाओं को साड़ियां वितरित कीं, ठंड के मौसम में असहाय और जरूरतमंद लोगों को कंबल उपलब्ध कराए। इसके साथ ही उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग कर सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन किया। धार्मिक आयोजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी उनकी सहभागिता हमेशा उल्लेखनीय रही है।

अपने सेवा कार्यों के चलते राजेश मिश्रा को लोग “गोल्डन मैन” के नाम से भी जानते हैं। हरदोई और फर्रुखाबाद जनपद में उन्होंने समाजसेवी के रूप में एक अलग मुकाम हासिल किया है। उनके दरवाजे आम जनता के लिए हमेशा खुले रहते हैं और लोग उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सहज रूप से संपर्क करते हैं।

राजनीतिक जीवन में भी राजेश मिश्रा का योगदान उल्लेखनीय रहा है। वर्ष 2006 में बसपा सरकार के दौरान वह हरपालपुर विकासखंड से जिला पंचायत सदस्य चुने गए थे। इस दौरान उन्होंने क्षेत्रीय विकास, जनकल्याण और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए सक्रिय भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल में जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी गई।

इसके अलावा, राजेश मिश्रा और उनकी पत्नी दोनों ही ग्राम पंचायत स्तर पर प्रधान पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इस दौरान उन्होंने गांव के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया। ग्रामीण जनता के बीच उनकी लोकप्रियता का यही कारण रहा कि वे जमीन से जुड़े नेता के रूप में पहचाने गए।

राजेश मिश्रा की राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता के चलते उनका संपर्क विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं से भी रहा है। वह पूर्व में उच्च शिक्षामंत्री के करीबी माने जाते रहे हैं और जनपद के कई कद्दावर नेताओं के साथ उनका मजबूत संबंध रहा है। वर्तमान समय में वह भाजपा विधायक माधवेन्द्र प्रताप सिंह रानू के भी निकट सहयोगी माने जाते हैं।

उनकी समाजसेवा और संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए वर्ष 2025 में अखिल भारतीय ब्राम्हण महासभा (रा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने उन्हें प्रांतीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। इस दायित्व के तहत वह ब्राम्हण समाज के उत्थान, उनकी समस्याओं के समाधान और सामाजिक सहभागिता को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

आज भी राजेश मिश्रा हरदोई, फर्रुखाबाद सहित पूरे उत्तर प्रदेश में सामाजिक कार्यक्रमों, जनसेवा अभियानों और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय हैं। वह समाज के सुख-दुख में सहभागिता निभाते हुए यह संदेश दे रहे हैं कि सच्ची राजनीति और समाजसेवा वही है, जो आम जनमानस के जीवन में वास्तविक बदलाव लाए।

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