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लखनऊ में सीएम योगी की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक, सदन को शांतिपूर्ण चलाने पर सहमति

जन एक्सप्रेस/लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र से पहले लखनऊ में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना समेत सत्ता पक्ष और विपक्ष के तमाम दलों के प्रमुख नेताओं ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य बजट सत्र को शांतिपूर्ण, मर्यादित और सुचारू रूप से संचालित करना रहा।

 विधानसभा बजट सत्र से पहले संवाद

यह सर्वदलीय बैठक ऐसे समय पर बुलाई गई, जब उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र मंगलवार से शुरू होने जा रहा है। बजट सत्र को सरकार का सबसे अहम सत्र माना जाता है, क्योंकि इसी दौरान प्रदेश की आर्थिक नीतियों और विकास योजनाओं पर चर्चा होती है। ऐसे में सरकार और विधानसभा अध्यक्ष की ओर से पहले ही विपक्ष से संवाद स्थापित कर किसी भी तरह के टकराव से बचने की कोशिश की गई।

 सभी दलों की रही भागीदारी

बैठक में समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, निषाद पार्टी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) सहित अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने भी बैठक में हिस्सा लिया और विपक्ष की ओर से अपने विचार रखे। सभी दलों ने सहमति जताई कि सदन में जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए।

 सीएम योगी का संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक के दौरान कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण मंच है, जहां जनता की आवाज उठती है। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि बजट सत्र के दौरान नियमों और परंपराओं का पालन करते हुए चर्चा की जाए। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार विपक्ष की बात सुनने के लिए पूरी तरह तैयार है और जनहित से जुड़े हर मुद्दे पर चर्चा के लिए मंच उपलब्ध रहेगा।

 विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अपील

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विपक्ष से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाएं, लेकिन सदन की मर्यादा बनाए रखें। उन्होंने कहा कि असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन कार्यवाही को बाधित करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी विधायकों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।

शांतिपूर्ण सत्र पर जोर

बैठक के दौरान पिछले सत्रों के अनुभवों पर भी चर्चा हुई, जहां हंगामे और अवरोध के चलते सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई थी। इस बार सभी दलों ने मिलकर यह प्रयास करने पर सहमति जताई कि बजट सत्र को अधिक उत्पादक और सकारात्मक बनाया जाए। सत्ता पक्ष की ओर से यह भरोसा दिलाया गया कि विपक्ष को पूरा समय और सम्मान मिलेगा।

 बजट सत्र से जनता को उम्मीदें

प्रदेश की जनता की नजरें इस बजट सत्र पर टिकी हैं। किसान, युवा, व्यापारी, कर्मचारी और महिलाओं से जुड़े मुद्दे इस सत्र में प्रमुखता से उठने की संभावना है। ऐसे में सर्वदलीय बैठक को सत्ता और विपक्ष के बीच सहमति बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

 राजनीतिक गलियारों में चर्चा

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बजट सत्र से पहले इस तरह की सर्वदलीय बैठकें लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करती हैं। इससे न केवल सदन की कार्यवाही सुचारू होती है, बल्कि सरकार और विपक्ष के बीच संवाद का रास्ता भी खुला रहता है।

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