नीलगाय बनी किसानों की मुसीबत, गेहूं की फसल तबाह, लागत डूबने से परेशान अन्नदाता

जन एक्सप्रेस/जौनपुर:जौनपुर जिले की मछलीशहर तहसील क्षेत्र में किसानों की गेहूं की फसल पर नीलगाय भारी आफत बनकर टूट पड़ी हैं। जफराबाद क्षेत्र से लेकर जलालपुर, मड़ियाहूं एवं नेवढ़िया तक नीलगायों द्वारा फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिससे किसानों की मेहनत और लागत दोनों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
किसानों का कहना है कि सरकार और वन विभाग को इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देना चाहिए। अन्नदाता महीनों की मेहनत से फसल तैयार करता है, लेकिन नीलगाय कुछ ही रातों में खेत साफ कर दे रही हैं।
बसुही नदी किनारे बसे भटेवरा, बामी, ऊंचडीह, अदारी, कठार, सेमरहो, रामगढ़, तिलौरा और अलापुर गांवों के किसान शाम ढलते ही टॉर्च और लाठी लेकर खेतों की ओर निकल पड़ते हैं। किसान पूरी रात जागकर गेहूं की फसल की रखवाली कर रहे हैं और रात 10–11 बजे तक नदी किनारे खेतों में डटे रहते हैं।
क्षेत्र के किसान शेर बहादुर सिंह, प्रसिद्ध नारायण सिंह, भूपेंद्र सिंह, अरविंद उपाध्याय, सियाराम तिवारी, पीयूष सिंह, प्रेमचंद्र प्रजापति, अजय पाल, रामनारायण पाल, रमाशंकर यादव, जगलाल गौतम, मुन्ना गौतम, पोकई सरोज, रामकृपाल यादव, सुनील मौर्य, अंबिका गौड़ एवं गुलाब कन्नौजिया नीलगायों के आतंक से बेहद परेशान हैं।
बामी गांव के किसान शैलेन्द्र बताते हैं कि नीलगाय केवल गेहूं की फसल को चर ही नहीं रही हैं, बल्कि सिंचित खेतों में पैरों से कुचलकर फसल को पूरी तरह नष्ट कर रही हैं। उन्होंने कहा कि “चरी गई फसल तो किसी तरह फिर पनप सकती है, लेकिन कीचड़ में कुचली गई फसल सड़ जाती है, जिससे भारी नुकसान हो रहा है।”
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि नीलगायों से फसल बचाने के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि अन्नदाता को राहत मिल सके।






