जौनपुर: अपनी जमीन पर मशीन लगाने से रोका गया किसान, DM से लगाई न्याय की गुहार

जन एक्सप्रेस/जौनपुर : उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक किसान को उसकी खुद की जमीन पर गन्ना पेराई की मशीन लगाने से रोक दिया गया। मामला केराकत तहसील क्षेत्र के मुफ़्तीगंज विकासखंड अंतर्गत ग्राम मुर्तजाबाद का है।
ग्राम निवासी किसान सुबाष यादव ने आरोप लगाया है कि उनकी आराजी संख्या 190 पर जब वह गन्ना पेरने के लिए कल मशीन गाड़ रहे थे, तभी गांव के कुछ लोगों ने विरोध करते हुए काम रुकवा दिया। इस घटना के बाद किसान ने प्रशासन से न्याय की मांग की है और जिलाधिकारी से गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 12 दिसंबर 2025 को सुबह करीब 9:30 बजे सुबाष यादव अपने खेत में गन्ना पेराई की मशीन स्थापित कर रहे थे। तभी गांव के कुछ लोग—मनमोहन पाल, रमेश पाल, मोहन पाल और राजेंद्र पाल—मौके पर पहुंचे और विरोध शुरू कर दिया।
किसान का आरोप है कि इन लोगों ने न सिर्फ हंगामा किया बल्कि मशीन और पशुओं के चारे की नांद को भी उठाकर फेंक दिया। इसके बाद किसान ने तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी।
प्रशासन से शिकायत, फिर भी नहीं मिला समाधान
घटना के बाद 26 दिसंबर 2025 को किसान ने उपजिलाधिकारी केराकत को लिखित शिकायत दी। इसके बाद 16 जनवरी 2026 को तहसीलदार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
किसान का कहना है कि इससे पहले राजस्व विभाग द्वारा जमीन का सीमांकन और निशानदेही की जा चुकी थी। जब उन्होंने तहसीलदार से पूछा कि क्या वह अपनी जमीन पर मशीन लगा सकते हैं, तो उन्हें मौखिक रूप से अनुमति दे दी गई।
लेकिन जब वह मशीन गाड़ने लगे, तो राजस्व निरीक्षक ने यह कहकर रोक दिया कि “ऐसा करने से विवाद और बढ़ सकता है।”
बड़ा सवाल: अपनी ही जमीन पर क्यों रोका गया किसान?
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब जमीन का सीमांकन हो चुका है और वह किसान की ही है, तो आखिर उसे कृषि कार्य करने से क्यों रोका जा रहा है?
इस मामले में प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। एक ओर अधिकारी मौखिक अनुमति देते हैं, वहीं दूसरी ओर मौके पर रोक लगा दी जाती है।
फसल बर्बादी की कगार पर
किसान का कहना है कि उनका गन्ना खेत में खड़ा-खड़ा सूखने लगा है और यदि जल्द ही मशीन लगाने की अनुमति नहीं मिली, तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
DM से लगाई न्याय की गुहार
पीड़ित किसान ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उन्हें उनकी जमीन पर विधिसम्मत तरीके से मशीन लगाने की अनुमति दी जाए, ताकि उनकी फसल सुरक्षित रह सके और विवाद भी खत्म हो।






