
जन एक्सप्रेस /नई टिहरी :- टिहरी मेडिकल कॉलेज को लेकर उत्तराखंड की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश राणा ने विधायक किशोर उपाध्याय पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज के नाम पर जनता को गुमराह किया जा रहा है।
जारी बयान में राकेश राणा ने कहा कि लगभग 15 वर्षों तक विधायक रहने के बावजूद किशोर उपाध्याय के पास वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता के सामने रखने के लिए कोई ठोस उपलब्धि नहीं है। यही कारण है कि वे अब पुरानी घोषणाओं और दूसरों के प्रयासों को अपनी उपलब्धि बताने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि टिहरी मेडिकल कॉलेज को लेकर विधायक द्वारा किए जा रहे दावे तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। राणा के अनुसार, यदि मेडिकल कॉलेज की घोषणा वर्ष 2006 में ही हो गई थी, तो इतने वर्षों में उसे धरातल पर उतारने के लिए क्या प्रयास किए गए, इसका जवाब जनता को मिलना चाहिए।
राकेश राणा ने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज के मुद्दे पर उपलब्धियों के बजाय भ्रम और झूठ का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता अब केवल घोषणाओं से संतुष्ट नहीं होगी, बल्कि वास्तविक कार्यों का हिसाब मांगेगी।
पूर्व जिलाध्यक्ष ने यह भी कहा कि जब उत्तराखंड में पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के नेतृत्व में सरकार थी, तब भी किशोर उपाध्याय ने अपनी ही सरकार के खिलाफ महापंचायतें आयोजित कर टिहरी की जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया था।
राणा ने दावा किया कि टिहरी की जनता उस दौर की राजनीतिक परिस्थितियों और नेताओं की भूमिका को भली-भांति याद रखती है। उन्होंने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता विकास कार्यों और जनहित के मुद्दों पर नेताओं का मूल्यांकन करेगी।नोट: यह समाचार कांग्रेस नेता राकेश राणा द्वारा जारी बयान पर आधारित है। विधायक किशोर उपाध्याय की प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाए






