
जिला संवाददाता – जोत सिंह बगियाल
जन एक्सप्रेस / नई टिहरी: जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने जनता एवं जनप्रतिनिधियों से प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़ी प्रत्येक शिकायत का अधिकतम सात दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। शिकायत के निस्तारण के बाद संबंधित शिकायतकर्ता को भी की गई कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
शिकायतों के निस्तारण में देरी पर जताई नाराजगी
जिलाधिकारी ने कहा कि विभिन्न माध्यमों से जिला कार्यालय को प्राप्त होने वाली शिकायतों को नियमित रूप से संबंधित विभागों को भेजा जाता है। इसके बावजूद कई मामलों में निर्धारित समयसीमा के भीतर निस्तारण आख्या उपलब्ध नहीं कराई जाती और शिकायतकर्ताओं को भी कार्रवाई की जानकारी नहीं दी जाती। इस स्थिति पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि शिकायतों का समय पर निस्तारण केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह प्रशासन की जवाबदेही और कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए प्रत्येक विभाग को प्राप्त शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करनी होगी।
सात दिन के भीतर निस्तारण अनिवार्य
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित से संबंधित प्रत्येक शिकायत का अधिकतम सात दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से निस्तारण किया जाए। निस्तारण आख्या में शिकायत से जुड़े तथ्यों, अभिलेखीय साक्ष्यों और संबंधित विभाग द्वारा की गई कार्रवाई का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर निस्तारण आख्या जिला कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही संबंधित शिकायतकर्ता को नियमानुसार की गई कार्रवाई और शिकायत के निस्तारण की जानकारी भी दी जाए, ताकि उसे अपनी शिकायत पर हुई कार्रवाई के संबंध में स्पष्ट जानकारी मिल सके।
शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर करें परीक्षण
जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को जिला कार्यालय से प्राप्त शिकायतों की सूची का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि कार्रवाई प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो। संबंधित विभाग शिकायतकर्ता को एक ही विषय को लेकर बार-बार पत्राचार करने या कार्यालयों के चक्कर लगाने के लिए विवश न करें।
लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि जनशिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुशासन तथा जनविश्वास की महत्वपूर्ण कड़ी है। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि आमजन की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समयसीमा में उनका समाधान किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी। जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद जिला स्तरीय अधिकारियों को जनशिकायतों के प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।