उत्तर प्रदेश

लेजर सर्जरी मरीजों के लिए वरदान : डॉ अर्पित बंसल

प्रयागराज । जीवन ज्योति हॉस्पिटल ने शनिवार को शहर की पहली लेजर सर्जरी कार्यशाला आयोजित की। जिसमें शल्य चिकित्सकों ने जाना कैसे लेजर के द्वारा पाइल्स, फिशर, फिस्टुला, पायलोनिडल साइनस जैसी तकलीफदेह समस्याओं का लेजर द्वारा सफलतापूर्वक निदान होता है। डाक्टर अर्पित बंसल ने कहा कि लेजर सर्जरी मरीजों के लिए वरदान है।

प्रयागराज में लेजर सर्जरी की सफल शुरुआत लगभग तीन साल पहले वर्कशॉप के आर्गनाइजर व एडवांस्ड लेप्रोस्कोपी व कैंसर सर्जन डा. अर्पित बंसल ने की थी। उन्होंने बताया कि इस तरह की कार्यशाला पहली बार प्रयागराज में आयोजित हो रही है। इससे पहले शल्यचिकित्सकों को अन्य बड़े शहरों में जाकर लेजर सर्जरी की ट्रेनिंग लेनी पड़ रही थी। कार्यशाला जीवन ज्योति हॉस्पिटल की निदेशक व स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. वंदना बंसल के निर्देशन में हुई।

डा. वंदना बंसल ने बताया कि कैसे जीवन ज्योति हॉस्पिटल में लेजर द्वारा विभिन्न रोगों का इलाज हो रहा है व इससे कई मरीज़ लाभान्वित हो रहें हैं। इस प्रथम लेज़र सर्जरी कार्यशाला में दिल्ली से डा. अरविन्दर सिंह चिलाना, निदेशक जनरल व लेप्रोस्कोपी सर्जरी, फोर्टिस हॉस्पिटल, नई दिल्ली भी वरिष्ठ फैकल्टी के तौर पर पर उपस्थित थे। डा. चिलाना ने कहा कि यह बहुत ही अच्छा प्रयास है कि शहर में प्रथम लेजर सर्जरी कार्यशाला आयोजित हो रही है जिसमें शल्य चिकित्सकों का ज्ञानवर्धन होगा व इसकी तकनीक की बेहतर समझ होगी, जिससे मरीजों को बहुत फ़ायदा मिलेगा।

डा. अर्पित बंसल ने कहा कि लेजर चिकित्सा पाइल्स आदि के मरीज़ों के लिए वरदान है। लेजर तकनीक से हमने कई पाइल्स, फिशर, फिस्टुला, पायलोनिडल साइनस जैसी तकलीफदेह समस्याओं का जीवन ज्योति हॉस्पिटल में पिछले तीन सालों से लेजर द्वारा सफलतापूर्वक इलाज कर रहें हैं। यह लगभग दर्द रहित इलाज की तकनीक है, जिसमें खून न के बराबर निकलता है व चीरा लगाने की भी जरुरत नहीं पड़ती। इसीलिए मरीज जल्दी काम पर लौट सकता है।

डा. अर्पित बंसल ने बताया कि डॉ हर्षित बंसल के सहयोग से वह लेजर के द्वारा वेरिकोस वेन्स का भी सफलतापूर्वक इलाज कर रहें हैं। लेजर तकनीक उनके लिए बहुत ही कारगार है जो ऑपरेशन कराने के नाम से डरते हैं। इसमें लेजर बीम द्वारा प्रभावित धमनियों को सिकोड़ दिया जाता है, जिससे मरीजों को तुरंत आराम मिलता है। यह उपचार लोकल एनेस्थीसिया में किया जाता है।

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