विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा के पहले दिन निकलेगी बाबा कालभैरव की भव्य शोभयात्रा

वाराणसी । धर्म नगरी काशी के तीन दिवसीय विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा मेले के पहले दिन 20 जून को बाबा काल भैरव के स्वर्ण रजत पंचबदन प्रतिमा की भव्य शोभायात्रा परम्परानुसार चौखंभा स्थित काठ की हवेली से निकलेगी।
वर्ष 1954 में निर्मित पंचबदन प्रतिमा की भव्य 70वीं शोभायात्रा में सबसे आगे पुलिस घुड़सवार चलेंगे। उनके साथ ताशा बाजा के साथ भक्तगण ध्वजा पताका के साथ शामिल होंगे। स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी के बैनर तले निकलने वाली शोभायात्रा में 11 सुसज्जित और छतरी युक्त घोड़ों पर देव प्रतिमाएं राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, हनुमान, शंकर, गणेश, नारद, ब्रह्मा जी के साथ दो दरबार भी विराजमान रहेंगे। साथ ही पाइप बैंड का आकर्षण भी रहेगा।
रविवार को स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी के अध्यक्ष कमल कुमार सिंह और अन्य पदाधिकारियों ने यह जानकारी पत्रकारों को दी। कमल कुमार ने बताया कि शोभायात्रा में कमेटी के संस्थापक द्वय स्वर्गीय किशुनदास और स्वर्गीय भीकू सिंह की तस्वीर भी सुसज्जित रथ पर रहेगी। बैंड पार्टी सुमधुर धुन बिखरते चलेंगे, साथ में माता स्वरूप प्रतिमाएं अपने करतब दिखाते हुए चलेंगी। शोभायात्रा में शंकर-पार्वती, राधा-कृष्ण, दुर्गा जी, काली जी, हनुमान जी की आकर्षक झांकी रहेगी। इवेंट प्लानर की टीम नीरज सेठ के नेतृत्व में रास्ते भर भजन प्रस्तुत करती रहेगी। अध्यक्ष ने बताया कि गोविंदेश्वर महादेव की आकर्षक झांकी तथा डमरू दल भी शोभायात्रा के केंद्र बिंदु होंगे। शोभायात्रा के अंत में शहनाई के साथ फूलों से सुसज्जित बाबा का स्वर्णिम रथ होगा।
उन्होंने बताया कि शोभायात्रा के स्वागत के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ काशी कोतवाल बाबा कालभैरव के भक्त लगभग 40 स्थानों पर पूजा-अर्चना करेंगे। शोभायात्रा काठ की हवेली चौखंभा से प्रारंभ होकर बीबी हटिया, जतनबर, विशेश्वरगंज, महामृत्युंजय, दारानगर, मैदागिन, बुलानाला, चौक, नारियल बाजार, गोविंदपुरा, ठठेरी बाजार, सोराकुंआ, गोलघर, भुतही इमली होते हुए काल भैरव मंदिर पर जाकर संपन्न होगा।
उन्होंने बताया कि बाबा की स्वर्ण रजत प्रतिमा मंदिर में प्रतिस्थापित कर भव्य श्रृंगार व पूजन किया जाएगा। शाम को पंडित लक्ष्मीकांत दीक्षित के आचार्य में बसंत पूजा होगी। रात समयानुसार 11 बजे तक दर्शन पूजन का कार्य चलता रहेगा। महाआरती के पश्चात श्रृंगार कार्यक्रम संपन्न होगा।






