झांसी से आई रिश्तों की मर्यादा को शर्मसार कर देने वाली कहानी
जब बहू बनी कातिल, अवैध संबंध और संपत्ति की लालच ने ली सास की जान

जन एक्सप्रेस/झाँसी : उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ पुलिस महकमे को सकते में डाल दिया, बल्कि समाज में रिश्तों की मर्यादा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला एक साधारण मर्डर केस की जांच से शुरू हुआ, मगर जैसे-जैसे परतें खुलती गईं, कहानी ने ऐसा मोड़ लिया जिसने सभी को हिला कर रख दिया। इस जघन्य अपराध की मुख्य किरदार है – पूजा जाटव, एक ऐसी महिला जिसने अवैध संबंधों, लालच और सत्ता की भूख में इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं।
मामला शुरू होता है एक हत्या से
दिनांक 24 जून, झांसी के एक घर में बुजुर्ग महिला सुशीला देवी का शव संदिग्ध हालत में बरामद हुआ। शुरू में पुलिस को यह मामला सामान्य मौत जैसा लगा, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होते ही जांच की दिशा बदल दी गई। जब परिवार से पूछताछ शुरू हुई, तो घर की बहू पूजा जाटव अचानक गायब हो गई। यहीं से पुलिस को शक हुआ और इसी कड़ी को पकड़कर जब तह तक जांच की गई, तो दिल दहला देने वाली सच्चाई सामने आई।
कौन है पूजा जाटव?
पूजा की कहानी भी कम फिल्मी नहीं है। उसकी पहली शादी ग्वालियर में हुई थी, लेकिन वह शादी घरेलू हिंसा और मारपीट का शिकार बनी। यहां तक कि उसके पहले पति ने उस पर गोली चला दी थी, जिससे वह किसी तरह बच गई। इसके बाद तलाक हुआ।
इसी दौरान कोर्ट-कचहरी के चक्कर में उसकी मुलाकात सुशीला देवी के छोटे बेटे कल्याण से हुई। दोनों में नजदीकियां बढ़ीं और वे लिव-इन में साथ रहने लगे। कुछ समय बाद एक सड़क हादसे में कल्याण की मौत हो गई।
एक बेटे की मौत के बाद बहू की एंट्री
कल्याण की मौत के बाद उसके परिवार ने पूजा को ‘छोटे बेटे की विधवा’ मानकर अपने घर में रख लिया। लेकिन यहीं से पूजा की असली नीयत सामने आने लगी। घर में रहते-रहते वह अपने जेठ संतोष के साथ शारीरिक संबंध बनाने लगी। बात यहीं नहीं रुकी – आरोप यह भी है कि पूजा के अपने ससुर के साथ भी अवैध संबंध थे। रिश्तों की ये शर्मनाक कहानी जब सामने आई तो घर का माहौल जहरीला हो गया।
जब अवैध संबंध से हुआ बच्चा
पूजा और जेठ संतोष के बीच संबंधों से एक बच्चा भी हुआ। संतोष की पत्नी ने इसका विरोध किया, लेकिन पूजा ने अपनी चालें चलनी जारी रखीं। जब विवाद बढ़ा, तो पूजा ने परिवार से संपत्ति में हिस्सा मांग लिया। पूजा की मांग थी कि चूंकि वह कल्याण की विधवा है, तो उसे 8 बीघा जमीन दी जाए। संतोष और उसके पिता इसके लिए तैयार हो गए, लेकिन सास सुशीला देवी ने इसका कड़ा विरोध किया।
साजिश की पटकथा – एक सास की हत्या
सुशीला देवी के विरोध ने पूजा को गुस्से से भर दिया और उसने एक क्रूर साजिश रच डाली। उसने अपनी बहन कामनी और उसके प्रेमी अनिल वर्मा को इस हत्या में शामिल किया। जब घर में कोई नहीं था, दोनों ने सुशीला देवी को पहले जहर का इंजेक्शन दिया और फिर गला दबाकर हत्या कर दी। यही नहीं, घर से 8 लाख रुपये के जेवरात भी लूट लिए गए ताकि मामला लूट जैसा लगे और पुलिस भ्रमित हो जाए।
एक छोटी सी गलती बनी गिरफ्तारी की वजह
पूजा जाटव की योजना लगभग पूरी तरह कामयाब हो गई थी, लेकिन अंतिम संस्कार के समय वह गायब हो गई। पुलिस को यहीं शक हुआ और जब उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तो पूजा टूट गई और पूरी साजिश कबूल कर ली। इसके बाद पुलिस ने पूजा और उसकी बहन को गिरफ्तार कर लिया।
कुछ दिनों तक अनिल वर्मा फरार रहा, लेकिन बाद में एक मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड की मास्टरमाइंड पूजा जाटव ही है। झांसी पुलिस का कहना है कि यह एक सुनियोजित साजिश थी, जिसमें लालच, वासना और सत्ता की लालसा प्रमुख भूमिका में थी। पूरे प्रकरण में पूजा की भूमिका ने समाज में बहस छेड़ दी है कि कैसे निजी हितों के लिए रिश्तों की मर्यादा और नैतिकता को दरकिनार किया जा सकता है।
रिश्तों की हत्या का भयावह सच
झांसी से आया यह मामला केवल एक अपराध की कहानी नहीं है, बल्कि यह रिश्तों के पतन और मूल्यविहीनता का वह आईना है, जिसमें इंसान की गिरती मानसिकता और लालच की चरम सीमा नजर आती है। जहां एक बहू ने एक-एक कर अपने जेठ, ससुर और संपत्ति पर अधिकार जमाने के लिए अपनी सास की ही निर्ममता से हत्या कर डाली।
पुलिस फिलहाल केस को कोर्ट में ले जा रही है और सभी आरोपियों के खिलाफ ठोस साक्ष्यों के साथ हत्या, साजिश, लूट और आपराधिक षड्यंत्र की धाराएं लगाई गई हैं।
यह मामला आने वाले समय में न सिर्फ न्याय व्यवस्था की परीक्षा होगा, बल्कि समाज को भी सोचने पर मजबूर करेगा कि कहीं हमारे रिश्तों के भीतर भी ऐसे बीज तो नहीं पनप रहे?






