दो शादियां, फिर भी खुद को कुंवारा बताता रहा डॉक्टर; तीसरी महिला से धर्मांतरण की कोशिश में खुला राज
केजीएमयू के रेजिडेंट डॉक्टर पर यौन शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन का गंभीर आरोप, एफआईआर दर्ज

जन एक्सप्रेस/लखनऊ।किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक रेजिडेंट डॉक्टर पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण, जबरन धर्मांतरण का दबाव और धमकी देने के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोपी डॉक्टर की पहले से दो शादियां होने के बावजूद खुद को कुंवारा बताने का दावा जांच में सवालों के घेरे में है।पीड़ित महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के साथ प्रेसवार्ता कर बताया कि बीते छह महीनों से आरोपी डॉक्टर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। धर्म परिवर्तन से इनकार करने पर आरोपी ने शादी से मुकरते हुए उसे धमकाना शुरू कर दिया।अपर्णा यादव ने बताया कि शिकायत पर संज्ञान लेते हुए केजीएमयू प्रशासन और पुलिस को पत्र भेजा गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए गहन जांच आवश्यक है।
खुद को बताया कुंवारा, जांच समिति ने मांगे सबूत
केजीएमयू कुलपति के निर्देश पर मामला विशाखा समिति को सौंपा गया। जांच के दौरान आरोपी डॉक्टर ने खुद को कुंवारा बताया और पूर्व विवाह से इनकार किया। इस पर समिति ने उससे कुंवारे होने के दस्तावेजी प्रमाण मांगे।एफआईआर के अनुसार, सितंबर में पीड़िता की मुलाकात एक युवती से हुई, जिसने खुद को आरोपी डॉक्टर की पत्नी बताया। युवती ने दावा किया कि आरोपी ने फरवरी 2025 में उसका धर्म परिवर्तन कराकर निकाह किया था। जब पीड़िता ने आरोपी से इस बारे में सवाल किया तो उसने शादी से इनकार करते हुए पीड़िता से ही विवाह का भरोसा दिलाया।
धर्म परिवर्तन का दबाव, निजी फोटो वायरल करने की धमकी
अक्टूबर में आरोपी ने पीड़िता पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाना शुरू किया। इनकार करने पर उसने निजी फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी दी। लगातार मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर पीड़िता ने 17 दिसंबर को दवाओं की अधिक मात्रा ले ली, जिसके बाद उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया।
एफआईआर दर्ज, आरोपी की तलाश जारी
चौक थाने में आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक के खिलाफ यौन शोषण, धर्म परिवर्तन सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। एसीपी चौक राजकुमार सिंह के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगी हुई हैं।
केजीएमयू ने किया निलंबित, परिसर में प्रवेश पर रोक
केजीएमयू प्रशासन ने आरोपी डॉक्टर को निलंबित कर छात्रावास, कक्षाओं और प्रयोगशालाओं समेत सभी सुविधाओं से वंचित कर दिया है। विश्वविद्यालय परिसर में उसके प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। अंतिम सजा पर जल्द निर्णय लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, पीड़िता से की बात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं पीड़िता से फोन पर बातचीत कर न्याय का आश्वासन दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन को निष्पक्ष और त्वरित जांच के निर्देश दिए गए हैं।
एबीवीपी का प्रदर्शन, सख्त कार्रवाई की मांग
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने परिसर में प्रदर्शन कर आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। कुलपति को छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया और मांगें न मानने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई।केजीएमयू पैथोलॉजी विभाग की महिला रेजिडेंट डॉक्टर के पिता ने मुख्यमंत्री और राज्य महिला आयोग को शिकायत भेजी थी। आरोप है कि आरोपी डॉक्टर ने शादी से पहले धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया और इनकार पर लगातार प्रताड़ित किया, जिससे बेटी मानसिक रूप से टूट गई।






