टी.एस. मिश्रा विश्वविद्यालय और सामाजिक विकास सेवा संस्थान के बीच समझौता, समाज में विधिक जागरूकता बढ़ाने की पहल

जन एक्सप्रेस/लखनऊ: टी.एस. मिश्रा विश्वविद्यालय, लखनऊ और सामाजिक विकास सेवा संस्थान के बीच समाज में विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और सामुदायिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर टी.एस. मिश्रा विधि संकाय के अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) सी.पी. सिंह तथा सामाजिक विकास सेवा संस्थान के अध्यक्ष श्री रवीन्द्र सिंह जादौन उपस्थित रहे।
इस समझौते के अंतर्गत दोनों संस्थाएं मिलकर समाज के वंचित एवं कमजोर वर्गों के बीच विधिक जागरूकता कार्यक्रम, संगोष्ठी, कार्यशाला, विधिक परामर्श शिविर तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विशेष रूप से दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016, बाल संरक्षण से संबंधित कानून, श्रम कानूनों तथा अन्य महत्वपूर्ण भारतीय कानूनों की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी।
समझौते के तहत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को सामाजिक गतिविधियों और विधिक जागरूकता अभियानों में भाग लेकर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही संस्था से जुड़े अनुभवी अधिवक्ताओं को विश्वविद्यालय में आमंत्रित किया जाएगा, जो विद्यार्थियों को व्यवहारिक विधिक प्रशिक्षण और मामलों के अध्ययन के माध्यम से मार्गदर्शन देंगे।
इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) सी.पी. सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को समाज के प्रति संवेदनशील बनाना भी है। इस साझेदारी से विद्यार्थियों को सामाजिक समस्याओं को समझने और उनके समाधान में भागीदारी का अवसर मिलेगा।
वहीं सामाजिक विकास सेवा संस्थान के अध्यक्ष श्री रवीन्द्र सिंह जादौन ने कहा कि यह पहल समाज के कमजोर वर्गों तक कानून की जानकारी और उनके अधिकारों की पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संयुक्त प्रयासों से विधिक साक्षरता और सामाजिक जागरूकता को नई दिशा मिलेगी।
यह समझौता तीन वर्षों की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा। इस दौरान दोनों संस्थाएं समय-समय पर कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए समाज में विधिक साक्षरता और नागरिक चेतना को मजबूत करने के लिए संयुक्त रूप से कार्य करेंगी।
इस पहल के माध्यम से दोनों संस्थाएं विधिक साक्षरता, सामाजिक न्याय और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।






