आजम खां से मिलने रामपुर पहुंचे अखिलेश यादव, पुराने रिश्तों में गर्मजोशी लौटाने की कोशिश
चार्टर विमान से पहुंचे बरेली, फिर सड़क मार्ग से रामपुर रवाना | गिले-शिकवे मिटाने और समर्थन जताने का संदेश | सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

जन एक्सप्रेस लखनऊ/रामपुर।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बुधवार को वरिष्ठ नेता आजम खां से मिलने रामपुर पहुंचे। इस मुलाकात को राजनीतिक हलकों में खासा अहम माना जा रहा है, क्योंकि जेल से रिहा होने के बाद आजम खां पार्टी नेतृत्व से दूरी बनाए हुए थे और उनके कई बयान तल्ख माने गए थे।अखिलेश यादव चार्टर विमान से बरेली पहुंचे, जहां से वह सड़क मार्ग से रामपुर रवाना हुए। दोपहर 12:30 बजे वह आजम खां के निवास पर पहुंचे। यह मुलाकात लगभग एक घंटे तक चली।
मुलाकात से सुलझ सकते हैं मतभेद
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में दोनों नेताओं ने आपसी गिले-शिकवे दूर करने की कोशिश की। अखिलेश यादव ने आजम खां की सेहत की जानकारी ली और भरोसा दिलाया कि पार्टी अपने वरिष्ठ नेताओं के साथ खड़ी है।हाल ही में एक टीवी चैनल से बातचीत में आजम खां ने तंज कसते हुए कहा था, “अगर मैं बड़ा नेता होता तो मुझसे मिलने बड़े लोग आते।” उन्होंने यह भी कहा था कि, “एक मुर्गी-बकरी चोर से मिलने अखिलेश आ रहे हैं, यह उनका बड़प्पन है।”
104 मुकदमों, 34 लाख जुर्माने का जिक्र
आजम खां ने मीडिया से कहा कि उन पर 104 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से एक मामले में उन्हें 21 साल की सजा और 34 लाख रुपये जुर्माना भुगतना पड़ा है। व्यंग्यात्मक लहजे में उन्होंने कहा कि “मेरा घर कोई खरीद ले, ताकि मैं जुर्माना भर सकूं।”
प्रशासन चौकस, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
अखिलेश यादव के रामपुर दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए। तीन मजिस्ट्रेट और एक सीओ को तैनात किया गया, साथ ही पुलिस बल की तैनाती भी की गई।बरेली में हाल ही में हुए पुलिस लाठीचार्ज की घटना पर भी अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया।
राजनीतिक संदेश और रणनीति
इस मुलाकात को केवल एक औपचारिक भेंट के रूप में नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को संतुलित करने और आगामी चुनावों से पहले मजबूत एकजुटता दर्शाने की कोशिश के रूप में भी यह मुलाकात अहम मानी जा रही है।






