जौनपुर में मारपीट का आरोप: बाहरी लोगों को बुलाकर हमला करने की शिकायत, एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: जिले के सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के ग्राम पतहना में मारपीट और तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि गांव के कुछ लोगों ने बाहरी व्यक्तियों को बुलाकर हमला कराया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। पीड़ितों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
बाहरी लोगों को बुलाकर हमला करने का आरोप
शिकायत के अनुसार घटना 4 मार्च 2026 को दोपहर करीब 2 से 4 बजे के बीच हुई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने करीब 8 से 10 बाहरी व्यक्तियों को बुलाकर रामस्वारथ बिंद पर हमला कर दिया।
बताया गया कि जब गांव के अन्य लोग बीच-बचाव करने पहुंचे, तो हमलावरों ने उन पर भी लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। इस अचानक हुई हिंसक झड़प से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कई लोग घायल, महिला का हाथ टूटने का आरोप
पीड़ित पक्ष का कहना है कि इस मारपीट में बबलू गुप्ता, निलेश बिंद, कमलेश बिंद, उमेश बिंद और रामस्वारथ बिंद गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं सुशीला बिंद का हाथ टूटने का भी आरोप लगाया गया है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पीड़ितों का यह भी आरोप है कि घटना के बाद हमलावर मौके से चले गए, लेकिन बाद में घर की छत से ईंट-पत्थर फेंककर तोड़फोड़ की गई, जिससे परिवार के लोग दहशत में आ गए।
सीसीटीवी फुटेज का दावा
शिकायतकर्ताओं ने दावा किया है कि पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। उनका कहना है कि यदि फुटेज की जांच की जाए तो पूरी घटना की सच्चाई सामने आ सकती है।
सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो का आरोप
पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर आंशिक रूप से दिखाकर वायरल किए जा रहे हैं, जिससे मामले को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उनका कहना है कि अधूरा वीडियो दिखाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।
एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग
पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सीसीटीवी फुटेज और सभी पक्षों की जांच की जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






