आतंकी नहीं, जबरिया रिटायर पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर हैं
कोडीन कफ सिरप तस्करी पर सवाल उठाने की सजा? वाराणसी कोर्ट पेशी में दिखा अभूतपूर्व दमन

जन एक्सप्रेस/वाराणसी/ लखनऊ: आजाद अधिकार सेना ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व IPS अधिकारी और भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता अमिताभ ठाकुर की वाराणसी स्पेशल CJM कोर्ट में पेशी को लेकर गंभीर चिंता और कड़ी निंदा व्यक्त की है। संगठन का आरोप है कि सत्ता से सवाल करने की कीमत उन्हें राजनीतिक प्रतिशोध और दमन के रूप में चुकानी पड़ रही है।
देवरिया से वाराणसी तक कड़ी सुरक्षा, तन्हाई बैरक में गुजरी रात
18 दिसंबर 2025 की शाम करीब 6:30 बजे अमिताभ ठाकुर को देवरिया जिला कारागार से कड़ी सुरक्षा के बीच वाराणसी सेंट्रल जेल लाया गया। उन्हें तन्हाई बैरक में रखा गया, जहां पूरी रात वे बेचैनी में रहे और ठीक से सो नहीं पाए।
कोर्ट परिसर छावनी में तब्दील, 500 पुलिसकर्मी तैनात
19 दिसंबर को शाम 5 बजे के बाद स्पेशल CJM कोर्ट में पेशी हुई। इस दौरान कोर्ट परिसर में लगभग 500 पुलिसकर्मी बुलेटप्रूफ जैकेट में, पैरा मिलिट्री फोर्स और DCP काशी जोन की मौजूदगी रही। कोर्ट के अंदर मौजूद लोगों और वाहनों को बाहर कर दिया गया।
बॉडी कवर, सीटी और असामान्य व्यवहार पर उठे सवाल
प्रिजन वैन से उतारते ही पुलिस ने अमिताभ ठाकुर को बॉडी कवर से ढक दिया। आरोप है कि लगभग 200 पुलिसकर्मियों ने एक मिनट तक लगातार सीटी बजाई, जिसकी पहले से ब्रीफिंग थी और वापसी के समय भी यही प्रक्रिया दोहराने के निर्देश थे। इस व्यवहार को लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल उठ रहे हैं।
हत्या की आशंका जताई, लेकिन कोर्ट ने वाराणसी जेल में रुकने की अनुमति नहीं दी
अमिताभ ठाकुर ने कोर्ट में अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका जताते हुए वाराणसी जेल में रात्रि विश्राम की अनुमति मांगी, यह कहते हुए कि रास्ते में हत्या की साजिश हो सकती है। हालांकि न्यायालय ने यह मांग स्वीकार नहीं की और देवरिया जेल वापस भेजने का निर्देश दिया।
राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताया गया मामला
यह पेशी एक कथित रूप से मनगढ़ंत और राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित मामले में हुई, जिसकी FIR 8 दिसंबर 2025 को वाराणसी के चौक थाने में दर्ज की गई थी। FIR कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी के संदिग्ध आरोपी और हिंदू युवा वाहिनी नेता अम्बरीष सिंह भोला द्वारा दर्ज कराई गई।
सोशल मीडिया पोस्ट को बनाया गया आधार
FIR में आरोप है कि 30 नवंबर 2025 को सोशल मीडिया पर डाले गए पत्र और वीडियो के माध्यम से अमिताभ ठाकुर दंपति ने अम्बरीष सिंह भोला की छवि धूमिल की और उन्हें तस्करी से जोड़ा।
कोडीन कफ सिरप तस्करी सिंडिकेट के पर्दाफाश की तैयारी का दावा
आजाद अधिकार सेना का कहना है कि वास्तविकता यह है कि अमिताभ ठाकुर उत्तर प्रदेश में कोडीन आधारित कफ सिरप (फेंसेडिल, कोरेक्स आदि) की करोड़ों रुपये की अवैध अंतरराष्ट्रीय तस्करी के सिंडिकेट का पर्दाफाश करने में जुटे थे। उन्होंने DGP को पत्र लिखकर पूर्व सांसद धनंजय सिंह और उनके सहयोगियों अमित सिंह टाटा, आलोक सिंह सहित अन्य की भूमिका की जांच की मांग की थी और सुप्रीम कोर्ट में PIL दाखिल करने की तैयारी कर रहे थे।
आजाद अधिकार सेना की प्रमुख मांगें
आजाद अधिकार सेना ने इस पूरे प्रकरण को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए निम्न मांगें रखी हैं—अमिताभ ठाकुर को तत्काल उच्चस्तरीय सुरक्षा दी जाए और सभी निराधार मामलों को वापस लिया जाए।कोडीन कफ सिरप तस्करी सिंडिकेट की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जाए, अधिमानतः CBI से।न्याय व्यवस्था की गरिमा और जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शी और निष्पक्ष कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।क्या सत्ता से सवाल करना अपराध है?क्या यह व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप है?और क्या भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को इसी तरह चुप कराया जाएगा?






