
जन एक्सप्रेस/हरिद्वार: देव संस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज में शैक्षणिक पाठ्यक्रम के साथ-साथ विद्यार्थियों के चहुंमुखी विकास के लिए विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं। इसी पहल का परिणाम है कि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं देश स्तर की प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन
इसी श्रंखला में बीएससी योग की छात्रा अंशिका रेवानी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया और ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में कांस्य पदक हासिल किया। इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय का नाम गौरवान्वित हुआ और पूरे संस्थान में खुशी का माहौल है।
अंशिका की यह सफलता उनके निरंतर अभ्यास, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। योग जैसे क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना केवल शारीरिक क्षमता नहीं बल्कि मानसिक संतुलन और आत्मनियंत्रण का भी प्रमाण है।
मार्गदर्शन और समर्थन का योगदान
अंशिका ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या, योग विभाग के अपने गुरुजनों, परिवार और नियमित साधना को दिया। उनका मानना है कि सही दिशा में किया गया परिश्रम निश्चित रूप से सफलता दिलाता है।
पदक प्राप्त करने के बाद अंशिका रेवानी ने विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या से भेंट की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर डॉ. पंड्या ने अंशिका को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्रेरणा का स्रोत और विश्वविद्यालय में उत्कृष्टता
डॉ. पंड्या ने कहा कि अंशिका की यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इससे विश्वविद्यालय में उत्कृष्टता की भावना को बढ़ावा मिलेगा। अंशिका रेवानी की सफलता यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
यह उपलब्धि न केवल अंशिका के व्यक्तिगत विकास का प्रमाण है, बल्कि यह देव संस्कृति विश्वविद्यालय के शिक्षण और प्रशिक्षण के उच्च मानकों का भी प्रतीक है।
योग में राष्ट्रीय उपलब्धि के महत्व
योग केवल एक शारीरिक अभ्यास नहीं है, बल्कि यह मानसिक और आत्मिक विकास का साधन भी है। अंशिका की इस उपलब्धि से यह संदेश जाता है कि योग शिक्षा और प्रशिक्षण में निरंतर अभ्यास, अनुशासन और आत्म-नियंत्रण अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
इस प्रकार, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं की इस तरह की उपलब्धियाँ संस्थान के राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा को बढ़ाती हैं और अन्य विद्यार्थियों को स्वयं को उत्कृष्ट बनाने के लिए प्रेरित करती हैं।






