KGMU में लव जिहाद के आरोपों से हड़कंप, अपर्णा यादव ने VC से मांगे जवाब

जन एक्सप्रेस/लखनऊ: लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। इस बार मामला कथित लव जिहाद, धर्मांतरण और महिला डॉक्टरों के उत्पीड़न से जुड़ा है, जिसने न सिर्फ चिकित्सा जगत बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी खलबली मचा दी है। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने इस गंभीर प्रकरण को लेकर KGMU की वाइस चांसलर प्रो. सोनिया नित्यानंद से सीधे सवाल-जवाब किए हैं।
महिला डॉक्टरों के उत्पीड़न पर सख्त रुख
अपर्णा यादव ने KGMU में महिला डॉक्टरों के साथ लगातार हो रहे शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एक प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान में यदि महिला स्टाफ खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है, तो यह बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने पूछा कि आखिर ऐसी घटनाओं को रोकने में विश्वविद्यालय प्रशासन क्यों विफल हो रहा है।
धर्मांतरण का मामला कैसे पहुंचा यूनिवर्सिटी तक?
महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने KGMU प्रशासन से यह भी सवाल किया कि यूनिवर्सिटी जैसे संवेदनशील और जिम्मेदार संस्थान में धर्मांतरण जैसी घटना कैसे घटित हो गई। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई की जाती, तो मामला इतना आगे नहीं बढ़ता।
विशाखा कमेटी की भूमिका पर उठे सवाल
अपर्णा यादव ने विशाखा कमेटी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि महिला पीड़िताओं के मामलों में निष्पक्ष जांच क्यों नहीं हो पा रही है और क्यों लगातार कमेटी की रिपोर्ट्स संदेह के घेरे में रहती हैं। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि पीड़ित महिलाओं को महिला आयोग तक पहुंचने से क्यों रोका जाता है।
प्रशासनिक लापरवाही के आरोप
KGMU प्रशासन पर आरोप है कि कई महत्वपूर्ण मामलों में सरकार को अंधेरे में रखा गया। ब्लड स्टोरेज जैसी आवश्यक सेवाओं के बंद होने पर भी सवाल उठाए गए। अपर्णा यादव ने कहा कि यह सब सीधे तौर पर आम जनता और मरीजों के हितों के खिलाफ है।
‘स्वस्थ भारत’ के सपने पर सवाल
अपर्णा यादव ने अपने सवालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘स्वस्थ भारत’ विजन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब देश और प्रदेश की सरकारें स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में जुटी हैं, तब KGMU जैसे संस्थान में इस तरह की घटनाएं उस सपने को कमजोर करती हैं।
क्या है KGMU लव जिहाद मामला?
गौरतलब है कि हाल ही में KGMU से लव जिहाद का एक मामला सामने आया था। एक महिला डॉक्टर ने आरोप लगाया था कि यूनिवर्सिटी में कार्यरत डॉक्टर रमीज ने उस पर धर्मांतरण का दबाव बनाया। मामला सामने आने के बाद रेजिडेंट डॉक्टर रमीज को सस्पेंड कर दिया गया। शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल और महिला आयोग में दर्ज कराई गई थी।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया तेज
इस मामले के सामने आने के बाद लखनऊ में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। महिला आयोग और प्रशासन अब इस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
फिलहाल सभी की नजरें KGMU प्रशासन की अगली कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि क्या महिला डॉक्टरों को न्याय मिलेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे या नहीं।






