उत्तराखंड

“नकल जिहादियों को मिट्टी में मिला देंगे” — खालिद की गिरफ्तारी पर फूटा सीएम धामी का गुस्सा

यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में मास्टरमाइंड खालिद गिरफ्तार, सीएम बोले – ये सिर्फ घोटाला नहीं, युवाओं के भविष्य पर हमला है

जन एक्सप्रेस/देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक मामले में मास्टरमाइंड खालिद की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीखा बयान देते हुए कहा है कि,
“प्रदेश में ‘नकल जिहाद’ चल रहा है, और जब तक इन जिहादियों को मिट्टी में नहीं मिला देते, तब तक चैन से नहीं बैठेंगे।”

बुधवार को देहरादून में बीजेपी कार्यकारिणी की बैठक के दौरान सीएम धामी ने इस मामले पर खुलकर बात की और इसे युवाओं के भविष्य के साथ की गई सुनियोजित साजिश करार दिया।

खालिद की गिरफ्तारी से खुली परतें — बहनों और प्रोफेसर का नाम भी सामने आया

जांच में सामने आया है कि खालिद ने अभ्यर्थी बनकर हरिद्वार सेंटर में पिछला गेट इस्तेमाल कर सेंध लगाई।

उसने जुराब में मोबाइल छिपाकर तीन पन्ने परीक्षा के दौरान बाहर भेजे।

ये पेपर पहले उसकी दो बहनों के पास गए और फिर पहुंचे टिहरी की एक महिला प्रोफेसर तक।

प्रोफेसर ने पेपर हल कर वापस भेजे।
पुलिस ने खालिद, उसकी दोनों बहनों और महिला प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया है।

“देवभूमि में रंग-बिरंगी चादर डालकर जमीन कब्जा नहीं करने देंगे” — सीएम धामी

मुख्यमंत्री ने नकल माफियाओं को जिहादी मानसिकता से जोड़ते हुए कहा:

देवभूमि में कोई भी जिहादी रंग-बिरंगी चादर डालकर हमारी जमीन हड़पने की सोच भी नहीं सकता।
हमने मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय लिया है, जिसका असर अगले वर्ष दिखेगा।”

 

धामी ने यह भी कहा कि सरकार ने उत्तराखंड में कड़े नकल विरोधी कानून लागू किए हैं, जिसके बाद 25,000 से ज्यादा पारदर्शी भर्तियां हुई हैं।
उन्होंने विपक्ष और कुछ तत्वों पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया।

कौन है ‘दीवाना’? — खालिद की बहन के फोन में सेव नंबर से मिली अहम कड़ी

जांच में यह भी सामने आया है कि खालिद की बहन के फोन में ‘दीवाना’ नाम से एक नंबर सेव था, जिससे पेपर लीक की सूचना और हल भेजे गए।
अब साइबर सेल इस ‘दीवाना’ की पहचान और भूमिका की जांच कर रही है।

सीएम ऑफिस ने ‘एक्स’ पर भी साझा किए बयान, विपक्ष की भूमिका पर सवाल

मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर भी यह बयान प्रमुखता से साझा किए हैं।
धामी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग युवाओं को आंदोलन की आड़ में भड़काकर परीक्षा तंत्र को कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं।

अब तक की जांच में क्या निकला:

मुख्य साजिशकर्ता: खालिद

सह आरोपी: खालिद की दो बहनें और टिहरी की प्रोफेसर

तरीका: मोबाइल छिपाकर पेपर भेजना, हल करवाकर वापस मंगवाना

जांच एजेंसियां: STF और साइबर सेल

सियासी बयान: नकल को जिहाद से जोड़ा गया, देवभूमि की अस्मिता की बात

प्रश्नों के घेरे में परीक्षा तंत्र, समाधान की राह पर सरकार?

इस पूरे मामले ने उत्तराखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
हालांकि सरकार की सख्ती और त्वरित कार्रवाई से संकेत मिलते हैं कि नकल माफिया के लिए अब राज्य में कोई जगह नहीं बची है।

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