
जन एक्सप्रेस/उत्तराखंड: उत्तराखंड के प्रसिद्ध चारधामों में से एक, बदरीनाथ धाम यात्रा 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। बदरीनाथ डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत और श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के संयुक्त तत्वावधान में पावन गाडू घड़ा (तेल कलश) यात्रा मंगलवार, 7 अप्रैल को रात्रि विश्राम के लिए ऋषिकेश पहुंचेगी।
ऋषिकेश में दर्शन का समय और रूट
मंदिर समिति से मिली जानकारी के अनुसार, गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा ऋषिकेश में रेलवे रोड स्थित चेला चेतराम धर्मशाला में रुकेगी।
-
दर्शन का समय: बुधवार, 8 अप्रैल की सुबह श्रद्धालु यहां पवित्र तेल कलश के दर्शन कर सकेंगे।
-
आगे का रूट: पूजा-अर्चना और प्रसाद वितरण के बाद यह यात्रा लक्ष्मण झूला होते हुए श्रीनगर गढ़वाल के लिए रवाना होगी।
-
इस विशेष अवसर पर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी भी तेल कलश के दर्शन हेतु उपस्थित रहेंगे।
राजदरबार नरेंद्र नगर से होगा शुभारंभ
परंपरानुसार, मंगलवार 7 अप्रैल को नरेंद्र नगर राजदरबार से महाराजा मनुजयेंद्र शाह इस पावन यात्रा का शुभारंभ करेंगे।
इसी दिन राजमहल में महारानी मालाराज्य लक्ष्मी शाह सहित अन्य सुहागिन महिलाएं तिलों का तेल पिरोएंगी और इस पवित्र तेल कलश को डिमरी पंचायत के सुपुर्द करेंगी। यही तेल कलश देर शाम ऋषिकेश पहुंचेगा।
गाडू घड़ा यात्रा का पूरा शेड्यूल
भगवान बदरीविशाल के महाभिषेक के लिए प्रयोग होने वाला यह पवित्र तेल कलश डिमरी तीर्थ पुरोहितों के मूल गांव ‘डिम्मर’ स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में भी रखा जाएगा। यात्रा की महत्वपूर्ण तिथियां इस प्रकार हैं:
| तिथि | मुख्य पड़ाव / रात्रि विश्राम |
| 7 अप्रैल | नरेंद्र नगर से प्रस्थान और ऋषिकेश आगमन |
| 8 अप्रैल | ऋषिकेश से श्रीनगर गढ़वाल के लिए रवानगी |
| 19 अप्रैल | पाखी गांव में आगमन |
| 20 अप्रैल | श्री नृसिंह मंदिर (ज्योतिर्मठ) तथा रविग्राम |
| 21 अप्रैल | पांडुकेश्वर में रात्रि विश्राम |
| 22 अप्रैल | शाम तक श्री बदरीनाथ धाम पहुंचना |
| 23 अप्रैल | प्रातः 6:15 बजे बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे |
गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 को सुबह ठीक 6 बजकर 15 मिनट पर वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ श्री बदरीनाथ धाम के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
इस पूरी यात्रा और व्यवस्थाओं में डिमरी पंचायत अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, उपाध्यक्ष भास्कर डिमरी, मंदिर समिति सदस्य राजेंद्र डिमरी, सचिव भगवती डिमरी समेत मंदिर समिति और पंचायत के कई वरिष्ठ पदाधिकारी व प्रबंधक उपस्थित रहेंगे।






