100 साल पुराने ईसाई कब्रिस्तान में दफ़न पर रोक, ASI के नाम पर इंसानियत शर्मसार

जन एक्सप्रेस/ चित्रकूट: मानिकपुर कस्बे में आज ईसाई समाज के एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार को लेकर विवाद खड़ा हो गया। बताया गया कि 100 साल पुराने ईसाई कब्रिस्तान में शव दफ़नाने के लिए गड्ढा खोदने से कुछ लोगों ने रोक दिया। रोक का कारण कब्रिस्तान भूमि पर पुरातत्व विभाग (ASI) का कब्जा बताया जा रहा है।

स्थानीय ईसाई समुदाय का कहना है कि ASI द्वारा कब्जा किए जाने के बाद प्रशासन ने उन्हें अलग से जमीन दफ़न के लिए दी थी, जहां वे लगातार अंतिम संस्कार करते आ रहे हैं। लेकिन आज कुछ सोनकर समाज के लोगों ने वहां भी शव दफ़नाने से मना कर दिया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
गौरतलब है कि ASI के बोर्ड पर स्पष्ट लिखा है कि 200 मीटर के दायरे में किसी प्रकार का निर्माण कार्य प्रतिबंधित है, बावजूद इसके उसी दायरे में कई पक्के मकान पहले से बने हुए हैं। ऐसे में केवल शव दफ़न पर रोक को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।

ईसाई समाज का कहना है कि यह मामला धर्म का नहीं, बल्कि इंसानियत और संवैधानिक अधिकारों का है। पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है और प्रशासन से न्याय की मांग कर रहा है।
घटना की सूचना पर स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और मामले को सुलझाने का प्रयास किया गया, लेकिन देर शाम तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।






