जौनपुर DM पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा एक्शन: 50 हजार का जुर्माना लगाया, जानें क्या है पूरा मामला?

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: जौनपुर जिले के सबसे बड़े प्रशासनिक अधिकारी यानी जिलाधिकारी (DM) पर देश की सर्वोच्च अदालत, सुप्रीम कोर्ट ने भारी जुर्माना ठोक दिया है। यह जुर्माना कोर्ट की अवमानना और सरकारी जमीन से अवैध कब्जा न हटवाने की लापरवाही के चलते लगाया गया है। आइए जानते हैं आखिर क्या है यह पूरा मामला जिसने प्रशासन की नींद उड़ा दी है।
दरअसल, यह पूरा विवाद जौनपुर के सदर तहसील क्षेत्र के कंधरपुर गांव से जुड़ा है। मामला करीब छह दशक पुराना है। साल 1966 से लगभग छह बीघा सरकारी जमीन (ग्राम सभा की जमीन) पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा था। इस कब्जे को हटवाने के लिए गांव के ही जयप्रकाश दुबे लंबे समय से कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे।
जब स्थानीय प्रशासन और राजस्व विभाग ने बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कोई सख्त कदम नहीं उठाया, तो जयप्रकाश दुबे ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। साल 2023 में यह मामला देश की सबसे बड़ी अदालत, सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुँचा। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जौनपुर प्रशासन को जमीन खाली कराने और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
हैरानी की बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद जौनपुर जिला प्रशासन ने इस पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की। कोर्ट ने इसे ‘न्यायालय की अवमानना’ (Contempt of Court) माना। अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि जब आदेश दिया गया था, तो उसका पालन समय सीमा के भीतर क्यों नहीं हुआ? इसी लापरवाही की कीमत अब जौनपुर डीएम को 50 हजार रुपये के जुर्माने के रूप में चुकानी होगी।
यह मामला न केवल एक जमीन विवाद है, बल्कि यह दर्शाता है कि कैसे प्रशासनिक सुस्ती आम आदमी को दशकों तक इंसाफ के लिए भटकने पर मजबूर करती है। अब देखना यह होगा कि इस जुर्माने के बाद क्या कंधरपुर गांव की वह छह बीघा सरकारी जमीन भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त हो पाती है या नहीं।








