अवैध नशे के सौदागरों पर बड़ा वार, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स होगी और मजबूत
150 से अधिक नए जवानों की होगी तैनाती, कार्रवाई में आएगी तेजी प्रतिनियुक्ति समाप्त कर रेग्युलर तैनाती का फैसला

जन एक्सप्रेस लखनऊ।प्रदेश के युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले अवैध नशे के सौदागरों के खिलाफ योगी सरकार अब निर्णायक कार्रवाई की तैयारी में है। अवैध नशे पर प्रभावी लगाम लगाने और ड्रग माफियाओं के नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ने के उद्देश्य से एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) को और अधिक सशक्त किया जा रहा है।सरकार ने एएनटीएफ में तैनात पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें रेग्युलर करने तथा नियतन के अनुसार फोर्स उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इस फैसले से न सिर्फ एएनटीएफ की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि अवैध नशे के कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई में भी तेजी आएगी।आईजी एएनटीएफ अब्दुल हमीद ने बताया कि वर्ष 2022 में प्रदेश में अवैध नशे पर नकेल कसने के लिए एएनटीएफ का गठन किया गया था। इसके तहत 6 थाने और 8 यूनिट बनाई गईं।प्रत्येक थाने में 28 पदों का नियतन तय किया गया, जिसमें निरीक्षक, उपनिरीक्षक, कंप्यूटर ऑपरेटर, मुख्य आरक्षी, आरक्षी, चालक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं।इसी तरह प्रत्येक यूनिट में 18 पदों का नियतन है, जिसमें पुलिस उपाधीक्षक से लेकर आरक्षी व अन्य कर्मचारी शामिल हैं।हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा एएनटीएफ की समीक्षा बैठक की गई, जिसमें विभाग की मौजूदा स्थिति और जरूरतों पर विस्तार से चर्चा हुई।
150 से अधिक पदों पर होगी नई तैनाती:
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में एएनटीएफ में 236 पदों पर तैनाती है, जबकि कुल नियतन 386 पदों का है। इस प्रकार लगभग 150 पद रिक्त हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद इन सभी रिक्त पदों पर शीघ्र तैनाती की जाएगी।सरकार का मानना है कि पर्याप्त बल और आधुनिक संसाधनों के साथ एएनटीएफ ड्रग माफियाओं के खिलाफ और अधिक प्रभावी कार्रवाई कर सकेगी।
ड्रग माफियाओं के खिलाफ सख्त संदेश:
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एएनटीएफ को मजबूत कर प्रदेश में नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की दिशा में यह एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है।






