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माघ मेला की निविदा में बड़ा खेल? पारदर्शिता पर सवाल, करोड़ों के राजस्व नुकसान का आरोप

रिजर्व प्राइस से कम पर आवंटन, बिना टेंडर दुकानें और पार्किंग—पीएमडीए फिर विवादों में

जन एक्सप्रेस /प्रयागराज।माघ मेला 2026 की तैयारियों से पहले ही प्रयागराज मेला विकास प्राधिकरण (PMDA) एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में आ गया है। वेंडिंग जोन और थीमेटिक पार्कों के लिए जारी की गई ई-निविदा प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता पर बड़े सवाल उठाए गए हैं।आरोप है कि रिजर्व प्राइस से कम दरों पर आवंटन, उच्चतम बोली लगाने वालों को बाहर करना और बिना टेंडर दुकानों का संचालन कर शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।
उच्चतम बोली फिर भी बाहर! 1.13 करोड़ की बोली दरकिनार
फतेपुर बाट निवासी और इंटरटेनमेंट इवेंट व्यवसाय से जुड़े उद्यमी कैलाश राम ने मेलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपते हुए बताया कि उन्होंने त्रिवेणी वेंडिंग जोन के लिए लगभग 1 करोड़ 13 लाख 28 हजार रुपये की उच्चतम बोली लगाई थी।
इसके बावजूद उन्हें आवंटन नहीं मिला, जबकि कथित तौर पर 85 लाख रुपये के रिजर्व प्राइस से भी कम दरों पर चहेते ठेकेदारों को जमीन सौंप दी गई।
सरकार को करोड़ों का नुकसान? सवालों के घेरे में मेला प्रशासन
शिकायत में दावा किया गया है कि इस तरह के आवंटन से सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हुआ है। सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि उच्चतम बोली को नजरअंदाज किया गया, तो निविदा प्रक्रिया का औचित्य ही क्या रह जाता है?
‘परिचय’ के नाम पर दुकानें! अवैध उगाही का गंभीर आरोप मामला यहीं नहीं रुकता। आरोप है कि मीना बाजार क्षेत्र में कई दुकानों को
केवल “परिचय” और सिफारिश के आधार पर बिना किसी निविदा प्रक्रिया के आवंटित कर दिया गया इन दुकानों से अवैध उगाही किए जाने की भी शिकायत की गई है।
17 पार्किंग स्थल बिना टेंडर! रिश्तेदारों को फायदा?
शिकायतकर्ता का दावा है कि लगभग 17 पार्किंग स्थलों को भी बिना किसी वैध टेंडर प्रक्रिया के रिश्तेदारों और करीबियों को दे दिया गया
इन स्थानों पर दुकानों का निर्माण और संचालन कराया जा रहा है, जो सीधे तौर पर नियमों की अनदेखी मानी जा रही है।पीएमडीए द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार,निविदा संख्या पत्रांक/2025-26/28 के तहत माघ मेला 2026 के लिए ई-निविदा आमंत्रित की गई थी
25 दिसंबर 2025 को तकनीकी बिड खोली गई
कुल 8 फर्मों ने भाग लिया
इनमें से केवल चार फर्मों—एम/एस सिया लाली, एम/एस रॉनी एंटरप्राइजेज, एम/एस नारायण एसोसिएट और एम/एस भोले राज एंटरप्राइजेज—को अर्ह घोषित किया गया।
पहले से तय था खेल? ‘फिक्स’ नतीजों का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि तकनीकी रूप से योग्य कुछ फर्मों को जानबूझकर बाहर किया गया पूरी प्रक्रिया पहले से तय नतीजों की ओर बढ़ती दिखी नियमों को ताक पर रखकर चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाया गया
जांच की मांग, कार्रवाई कब?
कैलाश राम ने मांग की है कि—पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए बिना टेंडर संचालित दुकानों और पार्किंग को तत्काल बंद किया जाएदोषी अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई हो
माघ मेला 2026 पर संकट?
मामला सामने आने के बाद मेला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब निगाहें शासन पर टिकी हैं—क्या आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी?  या फिर माघ मेला 2026 भी विवादों की भेंट चढ़ जाएगा?

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